इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में भाषण के दौरान गुरुवार को जमकर विरोध देखने को मिला। नेतन्याहू के मंच पर पहुंचते ही कई देशों के प्रतिनिधि सदन से बाहर निकल गए, जिससे हॉल की बड़ी संख्या में सीटें खाली नजर आईं। इस दौरान हूटिंग और समर्थन की आवाजें भी सुनाई दीं। नेतन्याहू ने वॉकआउट करने वाले प्रतिनिधियों की आलोचना करते हुए उन्हें “नैतिक कायर” कहा। उन्होंने गाजा में इजरायल पर लगाए जा रहे नरसंहार के आरोपों को भी खारिज किया।
ईरान पर हमले का किया बचाव
अपने भाषण में नेतन्याहू ने ईरान के खिलाफ इजरायल की सैन्य कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि ईरानी परमाणु ठिकानों पर हमला करने का फैसला उनके लिए सबसे आसान फैसलों में से एक था। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान के खिलाफ कार्रवाई के लिए तारीफ भी की। वहीं, फिलिस्तीनी मिशन ने पहले ही सदस्य देशों से नेतन्याहू के भाषण के दौरान सामूहिक वॉकआउट की अपील की थी। इजरायल गाजा में नरसंहार और युद्ध अपराधों के आरोपों से लगातार इनकार करता रहा है।
कुछ घंटों में ही न्यूयॉर्क से रवाना
UNGA संबोधन के बाद नेतन्याहू ने पराग्वे, पनामा, बोलीविया और अर्जेंटीना के राष्ट्रपतियों से मुलाकात की और इसके बाद इजरायल के लिए रवाना हो गए। उनका न्यूयॉर्क दौरा केवल कुछ घंटों का रहा। यात्रा के दौरान शहर में उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी हुए।

