नंदीग्राम उपचुनाव से पहले ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न को लेकर छिड़ा विवाद कलकत्ता हाई कोर्ट पहुंच गया है। शुक्रवार को HC ने इंडियन सेक्युलर फ्रंट (ISF) की याचिका पर सुनवाई दिनभर के लिए टाल दी। ISF ने चुनाव आयोग के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें पहले उसके इस्तेमाल में रहे ‘लिफाफा’ चिह्न को रीतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाली डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस को दिया गया है। ISF को उपचुनाव के लिए ‘अलमारी’ चुनाव चिह्न आवंटित किया गया है।
183 विकल्प तो ‘लिफाफा’ ही क्यों? कोर्ट ने पूछा सवाल
इससे पहले गुरुवार को HC जस्टिस कृष्णा राव ने चुनाव आयोग से पूछा था कि जब 183 फ्री चुनाव चिह्न उपलब्ध हैं, तो नंदीग्राम में ISF के चुनाव लड़ने के बावजूद उसका पहले इस्तेमाल किया गया ‘लिफाफा’ चिह्न दूसरी पार्टी को क्यों दिया गया। HC ने मौखिक टिप्पणी में कहा कि अथॉरिटी को निष्पक्ष तरीके से काम करना चाहिए और इस चिह्न को सुरक्षित रखने का विकल्प भी था।
6 अक्टूबर को नंदीग्राम उपचुनाव
नंदीग्राम विधानसभा सीट पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव होना है। ऐसे में चुनाव चिह्न का विवाद राजनीतिक रूप से अहम हो गया है। ISF का तर्क है कि पहले उसके साथ जुड़ा रहा चुनाव चिह्न उसी चुनाव में किसी दूसरी पार्टी को देने से मतदाताओं में भ्रम पैदा हो सकता है। अब इस मामले में कोर्ट की अगली सुनवाई पर नजर रहेगी।


