अमेरिका और ईरान के बीच महीनों से जारी तनाव के बीच तेहरान ने कूटनीति की ओर बड़ा कदम बढ़ाया है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अमेरिका के सामने सात दिन का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत कुछ शर्तें पूरी होने पर सातवें दिन तक Strait of Hormuz (होर्मुज जलडमरूमध्य) को दोबारा खोलने और इसके बाद ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर व्यापक बातचीत शुरू करने की बात कही गई है। अराघची के मुताबिक यह प्रस्ताव मध्यस्थों के जरिए वॉशिंगटन तक पहुंचाया गया है।
UN में ईरान ने रखा शांति का फॉर्मूला
संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान न्यूयॉर्क में पत्रकारों से बातचीत में अराघची ने कहा कि नया प्रस्ताव जून में अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते की रूपरेखा से मिलता-जुलता है। उन्होंने जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वाडेफुल के साथ बैठक में भी कहा कि ईरान ने कूटनीतिक प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए अपनी शर्तें अमेरिकी पक्ष तक पहुंचा दी हैं। हालांकि तेहरान का कहना है कि क्षेत्र में स्थायी सुरक्षा के लिए अमेरिका की सैन्य और हस्तक्षेप वाली कार्रवाइयों का अंत जरूरी है।
अब अमेरिका के जवाब पर नजर
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने भी बातचीत के लिए तैयार होने की बात कही है, हालांकि उन्होंने जून में बनी सहमति टूटने के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया। तेहरान का ताजा प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब अमेरिका-ईरान संघर्ष सातवें महीने में प्रवेश कर चुका है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि वॉशिंगटन ईरान की शर्तों पर क्या रुख अपनाता है और क्या सात दिन का यह रोडमैप Strait of Hormuz (होर्मुज जलडमरूमध्य) खोलने के साथ परमाणु वार्ता की वापसी का रास्ता बना पाएगा।

