दिल्ली-NCR में सर्दियों के बढ़ते Pollution को रोकने के लिए ट्रैफिक और प्रदूषण नियमों पर सख्ती बढ़ा दी गई है। रोजाना 10,000 से ज्यादा ट्रैफिक और प्रदूषण चालान काटे जाने की जानकारी सामने आई है। 25 अक्टूबर 2026 को दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और बहादुरगढ़ के अधिकारियों के साथ बैठक की।

इस दौरान Pollution फैलाने वाले वाहनों पर कार्रवाई और नियमों का सख्ती से पालन कराने पर जोर दिया गया। बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) के वाहन चलाने पर ₹10,000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
बॉर्डर पर भी होगी जांच
दी गई जानकारी के मुताबिक, पेट्रोल पंपों पर AI कैमरों की मदद से वाहनों की नंबर प्लेट और PUC की स्थिति जांची जा रही है। प्रमाणपत्र एक्सपायर होने पर ई-चालान भेजा जा सकता है और ईंधन देने से भी मना किया जा सकता है।

वहीं, दिल्ली की सीमाओं पर Pollution मानकों को पूरा नहीं करने वाले व्यावसायिक वाहनों पर भी कार्रवाई की जा रही है। निर्माण सामग्री को बिना ढके ले जाने वाले वाहनों पर ₹20,000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। दिल्ली-NCR में 21 अक्टूबर को GRAP का पहला चरण लागू होने के बाद प्रदूषण रोकने के प्रयास तेज किए गए हैं।
वाहन चालकों के लिए जरूरी सलाह
अगर आप दिल्ली-NCR में गाड़ी चलाते हैं, तो अपने वाहन का PUC प्रमाणपत्र समय रहते अपडेट करा लें। साथ ही, वाहन के Pollution मानकों और अन्य जरूरी दस्तावेजों की जांच कर लें, ताकि चालान और सफर में परेशानी से बचा जा सके।

ध्यान दें कि ईंधन देने से इनकार और अलग-अलग वाहनों पर लागू प्रतिबंध संबंधित नियमों और मौजूदा आदेशों पर निर्भर करते हैं।


