Adani Group ने फिलहाल एयरलाइन कारोबार में उतरने की अटकलों पर विराम लगा दिया है। देश के सबसे बड़े निजी एयरपोर्ट ऑपरेटर अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (AAHL) के CEO अरुण बंसल ने मंगलवार को एविएशन इंडिया एंड साउथ एशिया 2026 कॉन्फ्रेंस में साफ किया कि कंपनी का एयरलाइन शुरू करने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा कि एयरलाइंस कंपनी के ग्राहक हैं और अपने ही ग्राहकों से मुकाबला करना अच्छी रणनीति नहीं होगी।

फिलहाल Adani Group का पूरा ध्यान एयरपोर्ट कारोबार को बढ़ाने पर है। इससे पहले भी अडानी एंटरप्राइजेज ने स्टॉक एक्सचेंज को जानकारी देकर एयरलाइन बिजनेस में उतरने की खबरों को बेबुनियाद बताया था। मौजूदा नियमों के तहत दिल्ली और मुंबई एयरपोर्ट के ऑपरेटर किसी शेड्यूल्ड एयरलाइन में 10 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी नहीं रख सकते।
एयरलाइन सेक्टर में हितों के टकराव की आशंका
Adani Group के एयरलाइन कारोबार में आने की चर्चा ऐसे समय में तेज हुई थी, जब घरेलू एविएशन मार्केट में इंडिगो और एयर इंडिया ग्रुप की करीब 90 फीसदी हिस्सेदारी है। बाजार में इंडिगो की हिस्सेदारी लगभग 64 फीसदी, जबकि एयर इंडिया ग्रुप की करीब 26.5 फीसदी है।

एयरपोर्ट ऑपरेटरों को एयरलाइन में निवेश की अनुमति देने से हितों के टकराव की आशंका जताई जा रही है। एयरलाइन कंपनियों का मानना है कि इससे प्रतिस्पर्धा और यात्रियों के हित प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि, Adani Group ने साफ कर दिया है कि उसकी प्राथमिकता एयरपोर्ट संचालन और विस्तार ही है।
11 एयरपोर्ट के निजीकरण पर भी नजर
सरकार वाराणसी, अमृतसर, रायपुर समेत 11 एयरपोर्ट को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर रही है। इनकी बोली प्रक्रिया दिसंबर तक शुरू होने की उम्मीद है। पहली बार एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया छोटे और बड़े हवाई अड्डों को पांच समूहों में बांटकर 50 साल की लीज पर देने की योजना बना रही है।

इसके तहत वाराणसी के साथ गया और कुशीनगर, अमृतसर के साथ कांगड़ा और रायपुर के साथ औरंगाबाद एयरपोर्ट को जोड़ा जाएगा। इस प्रक्रिया में Adani Group और GMR जैसे मौजूदा ऑपरेटरों के साथ नए निवेशकों के भी शामिल होने की उम्मीद है।

