Meerut के चर्चित नीले ड्रम हत्याकांड में अदालत ने 14 अक्टूबर 2026 को मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को पति सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में फांसी की सजा सुनाई। Meerut में मार्च 2025 में हुई इस खौफनाक वारदात ने पूरे देश को झकझोर दिया था। हत्या के बाद शव के पांच टुकड़े कर नीले प्लास्टिक के ड्रम में भरे गए और सबूत मिटाने के लिए उसमें सीमेंट डाल दिया गया था।

नींद की गोलियां देकर की हत्या, फिर ड्रम में छिपाया शव
जांच के मुताबिक, मुस्कान और साहिल ने मिलकर सौरभ की हत्या की साजिश रची थी। आरोप था कि सौरभ को नींद की गोलियां देने के बाद उनकी हत्या की गई और शव के टुकड़े करके ड्रम में बंद कर दिए गए।

शव से बदबू आने और परिजनों की शिकायत के बाद मामले का खुलासा हुआ। हत्या के बाद दोनों के शिमला जाने और होली मनाने की तस्वीरें भी सामने आई थीं। Meerut पुलिस कार्रवाई से लेकर अदालत में पेशी तक इस मामले ने लगातार सुर्खियां बटोरीं।
589 दिन में आया फैसला, 126 तारीखों पर हुई सुनवाई
सौरभ राजपूत हत्याकांड में करीब 589 दिनों तक चली कानूनी प्रक्रिया के दौरान अदालत में 126 तारीखें पड़ीं और 22 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज किए गए। पेशी के दौरान दोनों आरोपियों से जुड़े कई घटनाक्रम भी चर्चा में रहे।

आखिरकार, 14 अक्टूबर को Meerut अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को फांसी की सजा सुनाई। इस फैसले के साथ मेरठ के बहुचर्चित नीले ड्रम हत्याकांड में एक अहम कानूनी पड़ाव सामने आया।


