10 दिनों तक चले गणेशोत्सव का समापन 25 सितंबर 2026, अनंत चतुर्दशी के दिन गणपति बप्पा के विसर्जन के साथ होगा। देशभर में भक्त ढोल-नगाड़ों और भक्ति के बीच गणेश प्रतिमाओं को विदाई देंगे। इस दौरान ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ’ के जयकारे गूंजेंगे।
अनंत चतुर्दशी पर होगा विसर्जन
गणेश चतुर्थी पर घरों और पंडालों में स्थापित गणपति की पूजा-अर्चना के बाद अनंत चतुर्दशी को विसर्जन किया जाता है। कई भक्त अपनी परंपरा के अनुसार डेढ़, तीन, पांच, सात या दसवें दिन भी बप्पा का विसर्जन करते हैं। हालांकि, अनंत चतुर्दशी का विसर्जन गणेशोत्सव का मुख्य समापन माना जाता है।
शुभ मुहूर्त में विसर्जन की मान्यता
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शुभ समय में गणेश विसर्जन करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। भक्त भगवान गणेश से परिवार की खुशहाली और बाधाओं को दूर करने की प्रार्थना करते हुए उन्हें विदाई देते हैं।
मुंबई से दिल्ली तक दिखेगा उत्सव का रंग
मुंबई, पुणे, दिल्ली समेत देश के कई शहरों में गणेश विसर्जन को लेकर खास तैयारियां की गई हैं। बड़े गणेश पंडालों से लेकर घरों में स्थापित प्रतिमाओं तक, भक्त पूरे उत्साह के साथ बप्पा को विदाई देंगे। प्रशासन की ओर से भी विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा और व्यवस्था के इंतजाम किए जाते हैं। विसर्जन के बाद भक्त एक-दूसरे को शुभकामनाएं देते हुए अगले साल फिर गणपति के आने की कामना करते हैं।

