अमेरिका ने ब्रिटेन के RAF फेयरफोर्ड एयरबेस से अपने सभी 12 B-1 बॉम्बर्स अचानक हटा लिए हैं, जिससे सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान समर्थित कथित साजिश को लेकर खतरे की चेतावनी बढ़ने के बाद पेंटागन ने इन विमानों को उनके होम बेस वापस भेजने का फैसला किया।

इनमें कुछ B-1 बॉम्बर कुछ दिन पहले ही ब्रिटेन पहुंचे थे। RAF फेयरफोर्ड को अमेरिकी सेना के लिए रणनीतिक रूप से अहम बेस माना जाता है और इसे ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई की स्थिति में उपयोगी केंद्र के तौर पर देखा जाता रहा है।
संदिग्ध वैन और गिरफ्तारियों के बाद बढ़ी सुरक्षा चिंता
विमानों की वापसी का फैसला RAF फेयरफोर्ड के आसपास तीन संदिग्ध वैन देखे जाने और कई लोगों की गिरफ्तारी के बाद सामने आया। शुरुआत में पांच ब्रिटिश नागरिकों को विस्फोटक और कथित आतंकी साजिश से जुड़े संदेह में गिरफ्तार किया गया था। बाद में एक ब्रिटिश-ईरानी व्यक्ति को भी आतंकवादी घटना की तैयारी के शक में हिरासत में लिया गया।

हालांकि, सभी को बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया। ब्रिटिश आतंकवाद-रोधी पुलिस मामले की जांच कर रही है। ब्रिटिश अधिकारियों की ओर से ईरान की संभावित भूमिका के संकेत दिए गए हैं, जबकि तेहरान ने आरोपों से इनकार किया है। जांच के दौरान संदिग्ध वैन से किसी IED के बरामद होने की भी पुष्टि नहीं हुई है।
सैन्य फैसला या ईरान के हमले का डर?
अमेरिकी अधिकारियों ने B-1 बॉम्बर्स हटाने की वजह को सार्वजनिक तौर पर विस्तार से नहीं बताया है। रिपोर्टों में कहा गया है कि यह फैसला राजनीतिक कदम के बजाय बेस की सुरक्षा से जुड़ी सैन्य सावधानी हो सकता है। खतरे से जुड़ी पुरानी चेतावनियों के बीच पिछले 24 घंटों में नई जानकारी मिलने के बाद कमांडरों ने तत्काल कार्रवाई की।

ऐसे में विमानों को सुरक्षित ठिकानों पर भेजना एहतियाती कदम माना जा रहा है। फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि ब्रिटेन स्थित अमेरिकी एयरबेस पर किसी बड़े हमले का वास्तविक खतरा था, लेकिन 12 B-1 बॉम्बर्स की अचानक वापसी ने ईरान और पश्चिमी देशों के बीच बढ़ते तनाव को जरूर सुर्खियों में ला दिया है।

