चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग तीन दिवसीय अमेरिकी दौरे पर वॉशिंगटन पहुंचे, जहां राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने प्रोटोकॉल से हटकर ज्वाइंट बेस एंड्रयूज पर खुद उनकी अगवानी की। शी के साथ उनकी पत्नी पेंग लियुआन भी मौजूद थीं। रेड कार्पेट, 21 तोपों की सलामी, सैन्य सम्मान और एयरक्राफ्ट फ्लाईओवर के साथ हुए इस स्वागत ने दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के नेताओं की इस मुलाकात को खास बना दिया। छह महीने से भी कम समय में ट्रंप और शी की यह दूसरी शिखर मुलाकात है।
टैरिफ से AI तक, टेबल पर कई बड़े मुद्दे
व्हाइट हाउस में ट्रम्प और शी की बातचीत का फोकस अमेरिका-चीन व्यापार, टैरिफ, रेयर अर्थ मिनरल्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और तकनीकी प्रतिबंधों जैसे मुद्दों पर है। इसके अलावा ताइवान और दूसरे वैश्विक मुद्दे भी चर्चा का हिस्सा हैं। दोनों देश लंबे समय से व्यापार और तकनीक को लेकर तनाव का सामना कर रहे हैं, ऐसे में इस दौरे को रिश्तों में स्थिरता लाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, दौरे से पहले किसी बड़े समझौते को लेकर उम्मीदें सीमित थीं।
व्हाइट हाउस में स्टेट डिनर, दुनिया की नजर ट्रंप-शी वार्ता पर
शी जिनपिंग के सम्मान में व्हाइट हाउस में औपचारिक स्वागत के साथ स्टेट डिनर भी आयोजित किया गया, जिसमें अमेरिका की टेक और बिजनेस जगत की कई बड़ी हस्तियां शामिल हुईं। शी ने अमेरिका पहुंचने पर कहा कि चीन और अमेरिका को प्रतिद्वंद्वी के बजाय साझेदार के रूप में आगे बढ़ना चाहिए। अब नजर इस बात पर है कि भव्य स्वागत के बाद दोनों नेताओं की बातचीत व्यापार और तकनीकी तनाव को कम करने की दिशा में कितनी ठोस प्रगति करती है।

