Tamil Nadu के पूर्व शिक्षा मंत्री और डीएमके नेता अनबिल महेश पोय्यमोझी को कथित ₹100 करोड़ के प्राइवेट स्कूल घोटाले में गिरफ्तार किया गया है।

यह कार्रवाई Tamil Nadu के मद्रास हाईकोर्ट द्वारा उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद ग्रेटर चेन्नई पुलिस की सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB) ने की। यह मामला निजी स्कूलों को स्थायी मान्यता और जरूरी प्रशासनिक मंजूरी देने के बदले कथित तौर पर पैसे वसूलने से जुड़ा है।
1,000 से ज्यादा स्कूलों से वसूली का आरोप
आरोप है कि 2021 से 2026 के बीच Tamil Nadu के शिक्षा मंत्री रहते हुए अनबिल महेश ने पार्टी फंड के नाम पर 1,000 से ज्यादा निजी स्कूलों के प्रबंधन से पैसे लिए। एफ.आई.आर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आरोप शामिल हैं।

मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी वित्तीय लेन-देन और कथित मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रहा है। छापेमारी के दौरान संपत्ति के दस्तावेज, बैंक स्टेटमेंट, 18 मोबाइल फोन, लैपटॉप और टैबलेट समेत कुल 118 सामान जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है।
पूर्व मंत्री ने बताया राजनीतिक बदला
यह जांच Tamil Nadu के एक निजी स्कूल एसोसिएशन की शिकायत के बाद शुरू हुई थी। पुलिस ने जून में बीटी अरासकुमार और दो अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया था। वहीं, अनबिल महेश ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है।

उन्होंने कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताते हुए राज्य सरकार की प्रस्तावित सचिवालय परियोजना पर अपनी आलोचना से इसे जोड़ा है। फिलहाल मामले में जांच जारी है और आरोपों की सच्चाई का फैसला कानूनी प्रक्रिया के तहत होगा।


