दिल्ली के Seemapuri इलाके में चार मंजिला इमारत ढहने से बड़ा हादसा हो गया। मलबे में दबने से चार महीने की गर्भवती 21 वर्षीय महिला गुलफशा और दो बच्चों समेत तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि आठ लोग घायल बताए जा रहे हैं। शाहदरा के DCP राजेंद्र प्रसाद मीणा के मुताबिक, मलबे से लोगों को निकालकर राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल भेजा गया है।

अधिकारियों को शुरुआती तौर पर आशंका है कि मंगलवार शाम उत्तराखंड में आए भूकंप के झटकों के बाद इमारत में पड़ी दरारें हादसे की वजह बनी होंगी, हालांकि इमारत गिरने का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं है। स्थानीय लोगों के अनुसार, भूकंप के बाद बिल्डिंग में दरारें दिखने लगी थीं और परिवार इसे खाली करने की तैयारी में था।
मलबे में फंसे लोगों को निकालने में जुटीं टीमें
हादसे की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, दिल्ली अग्निशमन सेवा, DDMA, NDRF, MCD और DUSIB की टीमें मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। मलबा हटाने के लिए जेसीबी और दूसरी भारी मशीनों की मदद ली जा रही है। Seemapuri के स्थानीय लोग भी बचाव अभियान में जुटे और कई लोगों को मलबे से बाहर निकालने में मदद की।

MCD के अनुसार, करीब 20-25 साल पुरानी इमारत डी.यू.एस.आई.बी क्षेत्र में थी और हादसे के वक्त उसमें लोग रह रहे थे। आसपास की एक इमारत की दीवार और मस्जिद की चारदीवारी का हिस्सा भी गिर गया। मृतकों में गुलफशा की पहचान हो चुकी है, जबकि 12 वर्षीय बच्ची और एक बच्चे की पहचान अभी नहीं हो सकी है।
सीमापुरी जाने वाली सड़कों पर ट्रैफिक प्रभावित
हादसे के बाद Seemapuri गोल चक्कर, DLF भोपुरा और आसपास के इलाकों में यातायात प्रभावित हुआ है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने लोगों को इन रास्तों से बचने की सलाह दी है। मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सभी एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं।

प्रशासन की टीमें मलबे में किसी और व्यक्ति के फंसे होने की आशंका को देखते हुए लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। दिल्ली में हाल के दिनों में इमारत गिरने की घटनाओं के बीच Seemapuri का यह हादसा एक बार फिर जर्जर और कमजोर इमारतों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा रहा है।

