Red Bull के प्रोडक्ट पर ‘Energy Drink’ शब्द के इस्तेमाल को लेकर विवाद अब दिल्ली हाई कोर्ट पहुंच गया है। कंपनी ने भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उसे अपने कैफीनयुक्त पेय के लिए ‘Energy Drink’ शब्द का इस्तेमाल बंद करने को कहा गया था। सोमवार को जस्टिस अमित महाजन ने FSSAI से पूछा कि आदेश जारी करने से पहले Red Bull को शो-कॉज नोटिस दिया गया था या अपना पक्ष रखने का मौका मिला था? कोर्ट ने यह भी सवाल उठाया कि अगर कोई नोटिस नहीं दिया गया, तो कंपनी के खिलाफ सीधे कार्रवाई करने की क्या जरूरत थी। मामले की अगली सुनवाई 29 सितंबर को होगी।
FSSAI के आदेश पर कंपनी ने उठाए सवाल
यह विवाद 30 जून 2026 के FSSAI आदेश से जुड़ा है, जिसमें Red Bull को अपने कैफीनयुक्त पेय से ‘Energy Drink’ डिस्क्रिप्टर हटाने का निर्देश दिया गया था। कंपनी का दावा है कि भारत में उसके उत्पाद 2002 से इसी नाम के साथ बिक रहे हैं और कार्रवाई से पहले उसे सुनवाई का अवसर नहीं दिया गया। Red Bull ने जुलाई में जारी उस निर्देश को भी चुनौती दी है, जिसके तहत राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को कथित गैर-अनुपालन वाले उत्पादों पर कार्रवाई के लिए कहा गया था।
29 सितंबर को साफ होगा अगला रुख
सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने FSSAI से यह भी स्पष्ट करने को कहा कि क्या ऐसी कोई आपात स्थिति थी, जिसके कारण कंपनी को सुने बिना कार्रवाई जरूरी थी। कोर्ट ने फिलहाल Red Bull को कोई अंतरिम राहत नहीं दी है। अब FSSAI के जवाब के बाद यह साफ होगा कि ‘Energy Drink’ शब्द पर रोक लगाने की प्रक्रिया और उसके आधार को लेकर अदालत का रुख क्या रहता है।


