ग्रेटर नोएडा के सेक्टर पाई-1 स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में करोड़ों रुपये के गबन का मामला अब सीबीआई के हवाले कर दिया गया है। किसानों और अन्य खाताधारकों के मुआवजे की रकम कथित तौर पर दूसरे खातों में ट्रांसफर किए जाने के मामले में बैंक ने 43 लाख रुपये के तीन दावों का निपटारा कर दिया है।

PNB के जोनल मैनेजर राजेश भौमिक ने भरोसा दिया है कि जांच के बाद सभी वैध दावों का भुगतान किया जाएगा। मामले में कुछ पुराने बैंक कर्मचारियों को निलंबित भी किया गया है, जबकि बैंक की आंतरिक जांच जारी है।
PNB बैंक घोटाले में 32 शिकायतें, खाताधारकों का प्रदर्शन जारी
इस मामले में खाताधारकों और किसान संगठनों का बैंक के बाहर धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। किसानों ने साफ कहा है कि जब तक सभी प्रभावित लोगों की रकम वापस नहीं मिलती, प्रदर्शन जारी रहेगा।

बीटा-2 कोतवाली पुलिस को अब तक 32 शिकायतें मिल चुकी हैं। शुरुआत में 20 शिकायतों के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया था, जबकि गुरुवार को 12 नई शिकायतें मिलीं। पुलिस इन शिकायतों को एक ही मामले में जोड़कर जांच कर रही है।
बैंक लॉकर से गहने गायब होने का भी शक
मामले ने उस समय और गंभीर रूप ले लिया, जब बिरौंड़ी गांव के एक खाताधारक ने बैंक लॉकर से करीब 18 तोले सोने और एक किलो चांदी के गहने गायब होने की आशंका जताई। उनका दावा है कि PNB बैंक में गड़बड़ी की जानकारी मिलने के बाद लॉकर की जानकारी मांगी गई, लेकिन स्पष्ट जवाब नहीं मिला।

वहीं, PNB का कहना है कि शिकायतों की प्राथमिकता के आधार पर जांच की जा रही है और हर वैध दावे का भुगतान होगा। अब सीबीआई जांच से यह साफ होने की उम्मीद है कि करोड़ों रुपये की इस कथित धोखाधड़ी में कौन-कौन शामिल था और कितने खाताधारक प्रभावित हुए हैं।


