अमेरिका में भारतीय IT Companies के लिए नई मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। अमेरिकी प्रशासन ने इन्फोसिस, टाटा, विप्रो, एचसीएल, कॉग्निजेंट और कैपजेमिनी समेत आठ IT Companies को स्थायी श्रम प्रमाणन कार्यक्रम (PERM) से निलंबित किया है। इस सूची में माइक्रोसॉफ्ट और एडोब भी शामिल हैं।

अमेरिकी अधिकारियों का आरोप है कि विदेशी कर्मचारियों की नियुक्ति से जुड़ी इस व्यवस्था के इस्तेमाल से स्थानीय कर्मचारियों के रोजगार के अवसर प्रभावित हो सकते हैं। निलंबन के तहत संबंधित कंपनियों के नए आवेदनों और पहले से लंबित आवेदनों पर कार्रवाई रोकने की बात कही गई है। हालांकि, इस कदम का वास्तविक असर जांच के नतीजों और निलंबन की अवधि पर निर्भर करेगा।
Microsoft पर भी उठे सवाल, H-1B वीजा बना विवाद की वजह
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने माइक्रोसॉफ्ट की नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उनके मुताबिक, कंपनी ने 2025 में करीब 6,000 अमेरिकी कर्मचारियों की छंटनी की, जबकि उसे 6,000 से अधिक H-1B वीजा की मंजूरी मिली। वेंस ने PERM के तहत कंपनी के 3,682 आवेदनों का भी जिक्र किया और दावा किया कि इनमें करीब 1,000 आवेदन ऐसे पदों से जुड़े थे, जिन पर पहले अमेरिकी कर्मचारी काम कर रहे थे।

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, वर्ष 2009 से IT Companies ने विदेशी कर्मचारियों के लिए बड़ी संख्या में अनुरोध किए हैं। H-1B वीजा अमेरिकी कंपनियों को विशेष कौशल वाले विदेशी पेशेवरों को नियुक्त करने की अनुमति देता है। इस व्यवस्था के तहत भारतीय पेशेवरों की बड़ी हिस्सेदारी होने के कारण अमेरिकी नीति में बदलाव भारतीय आईटी सेक्टर के लिए अहम माना जा रहा है।
विश्वविद्यालयों के J-1 वीजा कार्यक्रम की भी जांच
अमेरिकी प्रशासन ने येल, हार्वर्ड, स्टैनफोर्ड और कैलटेक समेत नौ प्रमुख विश्वविद्यालयों के शोधकर्ताओं से जुड़े J-1 वीजा कार्यक्रम की जांच की घोषणा भी की है। अधिकारियों का आरोप है कि कुछ संस्थान इस व्यवस्था का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे अमेरिकी छात्रों और शोधकर्ताओं के रोजगार व वेतन पर असर पड़ सकता है।

वीजा धोखाधड़ी की जांच के लिए विशेष कार्यबल बनाने की भी बात कही गई है। कुल मिलाकर, अमेरिका का यह कदम विदेशी कर्मचारियों की नियुक्ति पर सख्त निगरानी की दिशा में उठाया गया है। भारतीय IT Companies और पेशेवरों पर इसका कितना असर पड़ेगा, यह आगे की जांच और प्रशासनिक फैसलों से स्पष्ट होगा।

