ऑनलाइन शॉपिंग में मोबाइल फोन की जगह साबुन की डिलीवरी मिलने के मामले में Flipkart को उपभोक्ता अदालत से झटका लगा है। दिल्ली के डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल कमीशन-X (साउथ-II) ने कंपनी को ₹10,574 की खरीद राशि 7% सालाना ब्याज के साथ लौटाने का आदेश दिया है। इसके साथ ग्राहक को मानसिक परेशानी के लिए ₹5,000 और कानूनी खर्च के तौर पर ₹5,000 देने को भी कहा गया है। आदेश का पालन 60 दिनों के भीतर करना होगा। देरी होने पर भुगतान तक ब्याज दर 8% सालाना होगी।
Realme फोन के बदले पैकेट में निकला Lifebuoy साबुन
मामला मौसम मीना की शिकायत से जुड़ा है। उन्होंने 24 अक्टूबर 2021 को Flipkart ऐप से ₹10,574 में Realme Narzo 50A स्मार्टफोन ऑर्डर किया था। अगले दिन डिलीवरी मिलने पर पैकेट खोला गया तो मोबाइल की जगह उसमें Lifebuoy साबुन की टिकियां मिलीं। शिकायतकर्ता के अनुसार उन्होंने Flipkart से कई बार संपर्क किया, ईमेल भेजे और पहचान के लिए आधार कार्ड भी उपलब्ध कराया, लेकिन उन्हें न तो फोन मिला और न ही रिफंड की समस्या का समाधान हुआ।
कोर्ट ने माना ‘सेवा में कमी’ और ‘अनुचित व्यापार व्यवहार’
मामले की सुनवाई के बाद उपभोक्ता आयोग ने Flipkart Internet Pvt. Ltd. को सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार के लिए जिम्मेदार माना। आयोग का आदेश 18 सितंबर को पारित हुआ। इस फैसले से ऑनलाइन खरीदारी में गलत या अलग उत्पाद मिलने पर उपभोक्ता के अधिकारों और शिकायत के समाधान की जिम्मेदारी को लेकर एक बार फिर सवाल सामने आए हैं।


