देश में Driving Licence (DL) बनवाने और रिन्यू कराने के नियमों में बड़े बदलाव की तैयारी है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इस संबंध में मसौदा जारी कर आम लोगों से 30 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। प्रस्ताव के मुताबिक, भारतीय नागरिकों के ड्राइविंग लाइसेंस पर भगवा, पीले और हरे रंग का संयोजन होगा।

जबकि विदेशी नागरिकों के Driving Licence पर नीले और हरे रंग का इस्तेमाल किया जाएगा। नए DL में राष्ट्रीयता, मोबाइल नंबर, इमरजेंसी संपर्क, ब्लड ग्रुप और अंगदान से जुड़ी जानकारी भी दर्ज होगी। लाइसेंस चिप के बजाय QR कोड वाले PVC कार्ड पर आधारित होगा, जिसे स्कैन करके संबंधित एजेंसियां जरूरी जानकारी हासिल कर सकेंगी।
ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना होगा आसान, फीस में भी राहत
प्रस्तावित नियमों के तहत नए Driving Licence के लिए फॉर्म-2 और रिन्यूअल या डुप्लीकेट लाइसेंस के लिए फॉर्म-2A का इस्तेमाल होगा। आधार सत्यापन के जरिए ऑनलाइन वाहन श्रेणी, पता या नाम बदलने पर लगने वाली 200 रुपये की फीस खत्म करने का प्रस्ताव है। मोबाइल नंबर अपडेट करने पर भी शुल्क नहीं लगेगा।

पता बदलने के आवेदन पर RTO को 15 दिनों में कार्रवाई करनी होगी और 30 दिनों तक जवाब नहीं मिलने पर आवेदन को मंजूर मानने का प्रावधान प्रस्तावित है। उम्र और पते के सत्यापन के लिए तय दस्तावेजों का इस्तेमाल होगा, ताकि फर्जी जानकारी देकर लाइसेंस बनवाने पर रोक लगाई जा सके।
ड्राइविंग टेस्ट होगा सख्त, फोटो और मेडिकल जानकारी भी जरूरी
नए प्रस्ताव में Driving Licence पास करने के लिए न्यूनतम अंक 60% से बढ़ाकर 75% करने और दोबारा टेस्ट की अवधि 7 से बढ़ाकर 15 दिन करने की बात कही गई है। लाइसेंस की फोटो में चेहरा कम से कम 70% दिखाई देना जरूरी होगा। इसके अलावा, मेडिकल फॉर्म-1A में मिर्गी, एलर्जी, दवाओं और शरीर में लगे मेडिकल उपकरणों जैसी जानकारी दर्ज करने का प्रावधान भी शामिल है।

मंत्रालय का उद्देश्य फर्जी लाइसेंस पर रोक लगाना, सड़क सुरक्षा बढ़ाना और लाइसेंस प्रक्रिया को सरल बनाना है। ध्यान दें कि ये बदलाव अभी प्रस्तावित मसौदे का हिस्सा हैं; इन्हें अंतिम नियम मानने से पहले सरकार की अधिसूचना का इंतजार करना होगा।


