दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने 10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान मेट्रो स्टेशनों पर लगाई गई पाबंदियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट से बिना शर्त माफी मांगी है।

हालांकि, DMRC ने साफ किया कि उस दिन मेट्रो ट्रेन सेवाएं बंद नहीं की गई थीं और न ही किसी ट्रेन को रद्द किया गया था। यह मामला सुप्रीम कोर्ट के उस निर्देश के बाद सामने आया है, जिसमें मेट्रो सेवाएं बंद नहीं करने को कहा गया था।
303 में से 45 स्टेशनों पर सीमित था प्रवेश
DMRC ने बुधवार को अदालत में हलफनामा दाखिल कर बताया कि दिल्ली मेट्रो के 303 स्टेशनों में से 45 पर यात्रियों के प्रवेश और निकास को सीमित किया गया था, जबकि 258 स्टेशन चालू रहे।

निगम के मुताबिक, यह फैसला दिल्ली पुलिस के सुरक्षा आकलन के आधार पर लिया गया था। इससे पहले 57 मेट्रो स्टेशनों को बंद किए जाने की खबर सामने आई थी, जिसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया।
सुप्रीम कोर्ट ने मांगा था जवाब
9 अक्टूबर को चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया था कि दिल्ली मेट्रो और दिल्ली आने-जाने वाली ट्रेनों की आवाजाही पूरी तरह बाधित न हो।

इसके बावजूद अगले दिन स्टेशनों पर पाबंदियां लगाए जाने के मामले में अदालत ने DMRC से जवाब मांगा था और पूछा था कि उसके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई क्यों न की जाए। अब डीएमआरसी की माफी और हलफनामे के बाद मामले में अदालत का रुख अहम होगा।


