हिंदी सिनेमा के सदाबहार अभिनेता Dev Anand जी की आज 103वीं जयंती है। 26 सितंबर 1923 को जन्मे देव आनंद सिर्फ अभिनेता ही नहीं, बल्कि निर्माता और निर्देशक भी थे। उनकी मुस्कान, बोलने का खास अंदाज और रोमांटिक छवि ने उन्हें अपने दौर के सबसे लोकप्रिय सितारों में शामिल कर दिया।
‘जिद्दी’ ने बनाया स्टार
Dev Anand का असली नाम धर्मदेव पिशोरीमल आनंद था। उन्होंने 1946 में फिल्म हम एक हैं से अभिनय की शुरुआत की, लेकिन 1948 में आई जिद्दी ने उन्हें स्टार बना दिया। इसके बाद बाजी, टैक्सी ड्राइवर, सीआईडी, काला पानी, गाइड, ज्वेल थीफ और हरे रामा हरे कृष्णा जैसी फिल्मों ने उन्हें हिंदी सिनेमा का ‘एवरग्रीन स्टार’ बना दिया। उन्होंने अपने भाई चेतन आनंद के साथ नवकेतन फिल्म्स की स्थापना भी की और निर्माता-निर्देशक के तौर पर कई यादगार फिल्में बनाईं।
जब ब्लैक कोट बना देव आनंद की पहचान
Dev Anand की महिला फैन फॉलोइंग को लेकर कई किस्से आज भी मशहूर हैं। कहा जाता है कि काला पानी के दौर में उनका ब्लैक कोट और सफेद शर्ट वाला लुक इतना लोकप्रिय हुआ कि लड़कियां उनकी एक झलक के लिए बेताब रहती थीं। यहां तक कि उनके ब्लैक कोट पहनने पर रोक लगने की कहानी भी वर्षों से सुनाई जाती रही है, हालांकि इसका कोई मजबूत आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं मिलता।
सुरैया से अधूरी रही प्रेम कहानी
Dev Anand और अभिनेत्री सुरैया की प्रेम कहानी भी हिंदी सिनेमा के चर्चित किस्सों में शामिल है। दोनों शादी करना चाहते थे, लेकिन परिवार की सहमति नहीं मिल सकी और रिश्ता आगे नहीं बढ़ पाया। बाद में देव आनंद ने अभिनेत्री कल्पना कार्तिक से शादी की।
फिटनेस का भी रखते थे खास ख्याल
देव आनंद अपनी सेहत और सक्रिय जीवनशैली के लिए भी जाने जाते थे। वह शराब और सिगरेट से दूर रहते थे और लंबे फिल्मी करियर के बावजूद लगातार काम करते रहे। 3 दिसंबर 2011 को लंदन में उनका निधन हुआ, लेकिन उनका अंदाज और उनकी फिल्में आज भी उन्हें हिंदी सिनेमा का ‘एवरग्रीन देव आनंद’ बनाए हुए हैं।


