दिल्ली पुलिस मुख्यालय (PHQ) के बाहर सोमवार को करीब 80 से 100 पुलिसकर्मियों ने अपने ही विभाग के अधिकारियों के तबादले के विरोध में Police Protest किया। मामला उत्तर-पूर्वी दिल्ली के रोहताश नगर में पार्किंग को लेकर हुए विवाद से जुड़ा है। इस घटना के बाद गांधी नगर सब-डिवीजन के ACP मनस्वी वशिष्ठ और गांधी नगर थाने के SHO अरुण कुमार का तबादला कर दिया गया था।

इस कार्रवाई से नाराज पुलिसकर्मियों ने मुख्यालय के बाहर ‘पुलिस एकता जिंदाबाद’ के नारे लगाए। Police Protest में महिला पुलिसकर्मी भी शामिल थीं। Police Protest का नेतृत्व करने वाले ACP मनस्वी वशिष्ठ को गृह मंत्रालय (MHA) ने निलंबित कर दिया है।
पार्किंग विवाद से शुरू हुआ पूरा मामला
दरअसल, 23 अक्टूबर को रोहताश नगर में एक सैलून के रास्ते में मोटरसाइकिल खड़ी होने को लेकर विवाद शुरू हुआ था। सैलून संचालिका शीतल ठाकुर और उनके परिवार ने बाइक हटाने के लिए कहा, जिसके बाद कहासुनी हो गई। शीतल की बहन श्वेता भारती का आरोप है कि उसी दिन शाम करीब 4:30 बजे वकीलों का एक समूह सैलून पहुंचा और वहां तोड़फोड़ करने के साथ आठ महीने की गर्भवती शीतल के साथ मारपीट की।

परिवार का दावा है कि पुलिस हेल्पलाइन पर शिकायत करने और थाने पहुंचने के बावजूद उनकी FIR दर्ज नहीं की गई। श्वेता के मुताबिक, पुलिस स्टेशन में भी वकीलों ने उनके पति और देवर के साथ मारपीट की। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं हुई, जबकि वकीलों की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
अधिकारियों के समर्थन में आईं सैलून संचालिका
परिवार के मुताबिक, बाद में उनके पति और देवर को जांच के लिए थाने बुलाया गया, जहां वकीलों की भीड़ मौजूद थी। शीतल और श्वेता का आरोप है कि इसी विवाद के दौरान ACP और SHO के साथ भी दुर्व्यवहार किया गया था। सोमवार को दोनों बहनें पुलिस मुख्यालय पहुंचीं और Police Protest कर रहे पुलिसकर्मियों के समर्थन में अपनी बात रखी।

शीतल ने मांग की कि संबंधित पुलिस स्टेशन के CCTV फुटेज सुरक्षित रखे जाएं और उनकी निष्पक्ष जांच हो, ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सके। वहीं, प्रदर्शनकारी पुलिसकर्मियों ने थानों में अपनी सुरक्षा, सम्मान और अधिकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए।


