अक्टूबर की शुरुआत के साथ ही Delhi-NCR में प्रदूषण बढ़ने लगा है। शुक्रवार को दिल्ली के कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) खराब श्रेणी में पहुंच गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के नौ निगरानी केंद्रों पर AQI 200 के पार दर्ज किया गया। मथुरा रोड में AQI 223, द्वारका सेक्टर-8 में 217, दिलशाद गार्डन में 243, IIT दिल्ली में 248, जहांगीरपुरी में 239, नरेला में 214, नॉर्थ कैंपस में 202, पूसा में 230 और विवेक विहार में 201 रहा।
NCR में भी स्थिति पूरी तरह राहत देने वाली नहीं रही। गाजियाबाद का AQI 222, भिवाड़ी का 215, गुरुग्राम का 207, नोएडा का 202 और बुलंदशहर का 201 दर्ज किया गया। ग्रेटर नोएडा में AQI 130 और फरीदाबाद में 99 रहा, लेकिन फरीदाबाद के चार में से तीन निगरानी स्टेशन काम नहीं कर रहे थे, इसलिए वहां की स्थिति का पूरा आकलन करना मुश्किल रहा।

हवा थमी तो बढ़ा प्रदूषण, CAQM ने तेज की कार्रवाई
दिल्ली में शुक्रवार को ज्यादातर जगहों पर हवा की रफ्तार 10 किलोमीटर प्रति घंटे से कम रही। कम गति की हवाओं के कारण प्रदूषक तत्व वातावरण में जमा होने लगे हैं। हालांकि, अनुमान है कि 3 से 5 अक्टूबर तक प्रदूषण सामान्य श्रेणी में रह सकता है और इसके बाद भी करीब छह दिनों तक स्थिति सामान्य रहने की संभावना है। दूसरी ओर, प्रदूषण नियंत्रण के लिए CAQM की कार्रवाई जारी है। 8 से 24 सितंबर के बीच NCR में 197 निरीक्षण किए गए, जिनमें निर्माण-ध्वस्तीकरण साइट, औद्योगिक इकाइयों और DG सेट की जांच शामिल थी।
इनमें 85 जगहों पर नियमों का उल्लंघन मिला। 10 C&D, 111 औद्योगिक और 76 DG सेट से जुड़े निरीक्षण किए गए। प्रस्तावित कार्रवाई में चार C&D परियोजनाओं और एक औद्योगिक इकाई को बंद करना, 28 DG सेट सील करना, 17 मामलों में अनुपालन आदेश और 10 मामलों में पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति शामिल है। वहीं, 30 सितंबर तक कुल 9 बहाली आदेश जारी किए गए, जिनमें दिल्ली का एक, हरियाणा के तीन और उत्तर प्रदेश के पांच मामले हैं।

पराली पर भी नजर, पंजाब के तीन जिले बने हॉटस्पॉट
दिल्ली की सर्दियों वाली प्रदूषण चिंता के बीच पराली जलाने की घटनाओं ने भी CAQM की चिंता बढ़ाई है। पंजाब में 15 सितंबर से 1 अक्टूबर के बीच पराली जलाने के 63 मामले सामने आए, जिनमें 38 अमृतसर, 5 फिरोजपुर और 9 तरनतारन में दर्ज हुए। CAQM ने इन तीनों जिलों के अधिकारियों के साथ बैठक कर पराली जलाने पर रोक के लिए तैयारियों की समीक्षा की।
सदस्य सचिव तरुण कुमार पीथोड़े की अध्यक्षता में हुई बैठक में किसानों के बीच जागरूकता बढ़ाने, प्रभावी निगरानी करने और आग की घटनाओं पर समय रहते कार्रवाई के निर्देश दिए गए। संबंधित जिलों के डिप्टी कमिश्नर और SSP को भी रोकथाम के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा गया है। धान की कटाई के साथ अब दिल्ली-NCR की हवा और पराली दोनों पर नजर बनी हुई है।

