बंगाल की खाड़ी में एक बार फिर चक्रवाती तूफान का खतरा मंडराने लगा है। चक्रवात ‘अर्णब’ के बाद अब ‘मुरासू’ (Cyclone Murasu) तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने आंध्र प्रदेश और उत्तरी तमिलनाडु के तटीय इलाकों के लिए अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक, Cyclone Murasu दो नवंबर की सुबह पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर भीषण चक्रवात में बदल सकता है।

इसके बाद तूफान के पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने और दो नवंबर की देर रात से तीन नवंबर की सुबह के बीच नेल्लोर और नरसापुर के बीच दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की आशंका है।
120 किमी/घंटे तक पहुंच सकती है हवा की रफ्तार
IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, Cyclone Murasu के दौरान हवा की रफ्तार 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ऐसे में आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में तेज हवाओं और खराब मौसम का खतरा बना हुआ है। वहीं, उत्तरी तमिलनाडु के तटीय क्षेत्रों में भी मौसम का असर देखने को मिल सकता है।

गौरतलब है कि इससे पहले 29 अक्टूबर को चक्रवात अर्णब ने ओडालारेवु के पास तट से टकराकर आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भारी नुकसान पहुंचाया था। ऐसे में नए चक्रवात ने प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
क्या है मुरासू नाम का मतलब?
Cyclone Murasu का नाम भारत ने दिया है। तमिल भाषा में ‘मुरासू’ का अर्थ ढोल होता है। यह एक प्राचीन वाद्य यंत्र है, जिसका इस्तेमाल पुराने समय में लोगों तक जरूरी सूचनाएं और प्राकृतिक आपदाओं की चेतावनी पहुंचाने के लिए किया जाता था।

फिलहाल, सभी की नजर मौसम विभाग के अगले अपडेट पर है, क्योंकि आने वाले घंटों में तूफान की दिशा और तीव्रता तटीय इलाकों के लिए अहम साबित हो सकती है।


