Asian Games 2026 में भारत का अभियान 21 गोल्ड, 27 सिल्वर और 37 ब्रॉन्ज समेत कुल 85 पदकों के साथ खत्म हुआ। करीब 500 खिलाड़ियों के भारतीय दल ने मेडल टैली में चौथा स्थान हासिल किया। हालांकि, भारत हांगझोउ 2023 के अपने रिकॉर्ड प्रदर्शन को पीछे नहीं छोड़ सका।

तीन साल पहले भारत ने 28 गोल्ड समेत कुल 106 पदक जीते थे। इस बार एथलेटिक्स भारत का सबसे सफल खेल रहा, जहां 24 पदक मिले, जबकि निशानेबाजी में 15 और तीरंदाजी में 5 गोल्ड समेत शानदार प्रदर्शन देखने को मिला।
हॉकी-क्रिकेट के गोल्ड से लेकर कई खिलाड़ियों ने रचा इतिहास
टीम स्पर्धाओं में भारतीय पुरुष और महिला क्रिकेट टीमों ने अपने खिताब बरकरार रखे, जबकि भारतीय महिला हॉकी टीम ने 44 साल बाद एशियन गेम्स का गोल्ड जीता। पुरुष और महिला कबड्डी टीमों ने भी स्वर्ण पदक अपने नाम किए। व्यक्तिगत स्पर्धाओं में कुमकुम महोद ने महिला रिकर्व में भारत का पहला Asian Games व्यक्तिगत गोल्ड जीता और टीम स्पर्धा में भी स्वर्ण हासिल किया।

प्रणवी उर्स महिला गोल्फ में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय बनीं, जबकि लवलीना बोरगोहेन ने 2014 के बाद भारतीय महिला बॉक्सिंग को Asian Games गोल्ड दिलाया। मीराबाई चानू ने पहली बार Asian Games पदक जीता, जबकि सावन बरवाल, सरवेश कुशारे और बरानिका एलंगोवन समेत कई खिलाड़ियों ने ऐतिहासिक उपलब्धियां दर्ज कीं।
2 अक्टूबर रहा भारत का गोल्डन दिन
भारत के लिए 2 अक्टूबर सबसे शानदार दिनों में से एक रहा, जब खिलाड़ियों ने छह गोल्ड समेत कुल 12 पदक जीते। पुरुष क्रिकेट टीम ने फाइनल में पाकिस्तान को 19 रन से हराकर खिताब बरकरार रखा, वहीं कुमकुम महोद, अमन सहरावत और प्रणवी उर्स ने अपनी-अपनी स्पर्धाओं में गोल्ड जीता।

भारत ने Asian Games के दौरान तीरंदाजी और हॉकी में 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के कोटा भी हासिल किए। ऐसे में 85 पदकों के साथ अभियान भले ही 2023 के रिकॉर्ड तक नहीं पहुंचा, लेकिन कई नए चैंपियन और ऐतिहासिक उपलब्धियां भारत के अगले बड़े खेल लक्ष्य के लिए मजबूत आधार छोड़ गईं।


