दिल्ली के Ramlila Maidan में INDIA गठबंधन की महारैली के बाद भीड़ को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस ने रैली में 10 लाख लोगों के पहुंचने का दावा किया, जबकि बीजेपी ने इन दावों पर सवाल उठाते हुए इसे फ्लॉप शो बताया।

1 नवंबर को ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ और चुनाव आयोग के खिलाफ आयोजित इस रैली में राहुल गांधी समेत विपक्ष के कई बड़े नेता शामिल हुए। राहुल गांधी ने Ramlila Maidan रैली को लोकतंत्र और संविधान बचाने के लिए जनता की आवाज बताया, वहीं अखिलेश यादव ने इसे ‘लोकतंत्र की हल्दीघाटी’ करार दिया।
10 लाख की भीड़ बनाम खाली कुर्सियां, दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे
कांग्रेस और विपक्षी नेताओं ने दावा किया कि देशभर से करीब 10 लाख लोग दिल्ली पहुंचे थे। पार्टी ने सोशल मीडिया पर ड्रोन वीडियो और तस्वीरें साझा कर रैली में भारी भीड़ जुटने की बात कही। वहीं, बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने ड्रोन फुटेज दिखाते हुए दावा किया कि Ramlila Maidan का करीब 40 फीसदी हिस्सा खाली था।

बीजेपी के मुताबिक, रैली में 28 हजार कुर्सियां लगाई गई थीं, जिनमें राहुल गांधी के भाषण के दौरान भी 5 से 7 हजार कुर्सियां खाली थीं। पार्टी ने कैमरा एंगल और ट्रिक फोटोग्राफी के जरिए भीड़ को बड़ा दिखाने का आरोप भी लगाया। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पर AI से तैयार तस्वीरें साझा करने का आरोप लगाया।
बारिश बनी वजह या भीड़ जुटाने में रही कमी?
खाली कुर्सियों के सवाल पर विपक्षी नेताओं और समर्थकों ने सफाई दी कि लगातार बारिश के कारण Ramlila Maidan का कुछ हिस्सा बैठने लायक नहीं था। उनका यह भी कहना था कि बड़ी संख्या में लोग मैदान के बाहर मौजूद थे। दूसरी ओर, बीजेपी ने मैदान की क्षमता और खाली कुर्सियों को लेकर कांग्रेस के दावों पर सवाल उठाए।

फिलहाल रैली में शामिल लोगों की वास्तविक संख्या को लेकर कोई स्वतंत्र और आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है। ऐसे में रामलीला मैदान की यह महारैली अब अपने राजनीतिक संदेश के साथ-साथ भीड़ के दावों और तस्वीरों को लेकर भी चर्चा में बनी हुई है।


