Jio प्लेटफॉर्म्स की शेयर बाजार में शानदार एंट्री ने निवेशकों का ध्यान खींचा। कंपनी का शेयर ₹1,119 के इश्यू प्राइस के मुकाबले ₹1,358 पर लिस्ट हुआ और कारोबार के अंत में ₹1,419 पर बंद हुआ। इस तरह शेयर ने इश्यू प्राइस से करीब 27% की बढ़त दर्ज की। Jio कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर ₹13.05 लाख करोड़ पहुंच गया, जिससे यह रिलायंस इंडस्ट्रीज के बाद देश की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी बन गई।

लिस्टिंग समारोह का भावुक पल तब आया, जब अनंत अंबानी ने जियो की सफलता का श्रेय देश की जनता को दिया। उनकी स्पीच सुनकर रिलायंस के चेयरमैन मुकेश अंबानी भावुक हो गए। अनंत ने कहा कि जियो को पूरे देश का आशीर्वाद मिला है और भारतीयों के सपनों को पूरा करना ही उनका लक्ष्य है।
IPO को 22.19 गुना सब्सक्रिप्शन, रिलायंस ग्रुप ने टाटा को पीछे छोड़ा
Jio प्लेटफॉर्म्स का IPO 21 से 23 अक्टूबर के बीच कुल 22.19 गुना सब्सक्राइब हुआ। इसमें संस्थागत निवेशकों की ओर से 70.55 गुना, गैर-संस्थागत निवेशकों की ओर से 14 गुना और रिटेल निवेशकों की ओर से 2.72 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। लिस्टिंग के साथ जियो का मार्केट कैप 100 अरब डॉलर के पार पहुंच गया।

वहीं, रिलायंस ग्रुप की सभी लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप बढ़कर ₹28.9 लाख करोड़ हो गया, जबकि टाटा ग्रुप का मार्केट कैप ₹25.6 लाख करोड़ बताया गया। इस तरह रिलायंस ग्रुप इस मामले में आगे निकल गया। टेलीकॉम सेक्टर में भी जियो ने अपनी स्थिति मजबूत की है और एशिया में चीन की चाइना मोबाइल के बाद दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी बनने का स्थान हासिल किया है।
Jio Share में निवेश से पहले क्या करें?
Jio शानदार लिस्टिंग के बाद निवेशकों के सामने सबसे बड़ा सवाल है कि जियो के शेयर बेचें या लंबे समय तक अपने पास रखें। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, निवेश का फैसला कंपनी की वैल्यूएशन, भविष्य की कमाई और शेयर के प्रदर्शन को देखकर करना चाहिए। लिस्टिंग के बाद कीमत में उतार-चढ़ाव संभव है, इसलिए जल्दबाजी में खरीदारी करने से बचना जरूरी है।

कुछ विशेषज्ञों ने शेयर के ₹1,500 से ₹1,800 तक पहुंचने की संभावना जताई है, लेकिन यह अनुमान है, गारंटी नहीं। निवेशकों को अपनी जोखिम उठाने की क्षमता और निवेश की अवधि के हिसाब से फैसला लेना चाहिए।


