दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ Protest के दौरान महिला प्रदर्शनकारियों से कथित दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है। CRPF के असिस्टेंट कमांडेंट राहुल सोलंकी ने तीन वायरल वीडियो की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए दिल्ली पुलिस कमिश्नर, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) और राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) को शिकायत भेजी है।

उन्होंने कहा कि वीडियो की फोरेंसिक जांच कराकर उनकी प्रमाणिकता की पुष्टि की जानी चाहिए। हालांकि, अधिकारी ने साफ किया है कि Protest वीडियो की सत्यता अभी प्रमाणित नहीं हुई है और उनका उद्देश्य केवल मामले की जांच कराना है।
तीन वीडियो की जांच की मांग, दोषियों पर कार्रवाई की अपील
मणिपुर में तैनात CRPF अधिकारी राहुल सोलंकी ने 11 अक्टूबर को दी गई शिकायत में आरोपों की निष्पक्ष जांच पर जोर दिया है। उनके मुताबिक, यदि वीडियो में पुलिस या केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के जवानों द्वारा महिला प्रदर्शनकारियों के साथ दुर्व्यवहार की पुष्टि होती है, तो संबंधित कर्मियों और उनके वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ उचित कानूनी और विभागीय कार्रवाई होनी चाहिए।

वहीं, यदि वीडियो में छेड़छाड़ या गलत जानकारी पाई जाती है, तो कानून के अनुसार कार्रवाई करते हुए भ्रामक सामग्री हटाई जानी चाहिए। उन्होंने प्रदर्शन स्थलों पर तैनात पुलिसकर्मियों के लिए महिलाओं के प्रति संवेदनशीलता से जुड़े प्रशिक्षण की जरूरत भी बताई है। ये Protest SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हो रहे हैं।
शिकायत पर विभागीय कार्रवाई की आशंका
राहुल सोलंकी पहले भी सुरक्षा बलों से जुड़े मुद्दे उठा चुके हैं। हालांकि, उनकी इस शिकायत को लेकर CRPF के एक अधिकारी ने टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा कि सोलंकी को मामला वरिष्ठ अधिकारियों के सामने आंतरिक रूप से उठाना चाहिए था। अधिकारी के अनुसार, सरकारी सेवा के आचरण नियमों के तहत इस तरह की शिकायत सीधे सार्वजनिक रूप से या अन्य विभागों के सामने उठाने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का सवाल खड़ा हो सकता है।

यह भी कहा गया कि सोलंकी संबंधित Protest स्थल पर मौजूद नहीं थे। फिलहाल, मामले में वायरल वीडियो की प्रमाणिकता और लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। जांच के निष्कर्ष ही तय करेंगे कि आरोप सही हैं या वीडियो भ्रामक हैं।


