जापान के आईची-नागोया में 20वें Asian Games का समापन हो गया है। समापन समारोह में Asian Games का आधिकारिक फ्लैग कतर की राजधानी दोहा को सौंपा गया, जिसके साथ 2030 के 21वें एशियाई खेलों की मेजबानी औपचारिक रूप से कतर के हाथ में आ गई। ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया ने दिसंबर 2020 में दोहा को मेजबानी दी थी। कतर इससे पहले 2006 में भी एशियन गेम्स आयोजित कर चुका है। फिलहाल अगले खेलों की संभावित तारीख 4 से 19 नवंबर 2030 बताई जा रही है, हालांकि अंतिम कार्यक्रम OCA और IOC की चर्चा के बाद तय होगा।

नए स्टेडियम की जरूरत नहीं, 2030 के लिए तैयार है दोहा
दोहा 2030 आयोजन समिति के मुताबिक कतर के पास एशियन गेम्सAsian Games के लिए जरूरी खेल सुविधाएं पहले से मौजूद हैं। 2006 एशियन गेम्स और 2022 फीफा विश्व कप के लिए तैयार किए गए आधुनिक स्टेडियम और इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल किया जाएगा। आयोजन समिति का कहना है कि नए बड़े वेन्यू बनाने की जरूरत नहीं होगी। हालांकि, Asian Games को 2030 से 2031 तक टालने की संभावना पर OCA और IOC के बीच चर्चा चल रही है, ताकि प्रतियोगिता का कैलेंडर ब्रिस्बेन 2032 ओलंपिक से बेहतर तरीके से जोड़ा जा सके। इसके बाद 2034 एशियन गेम्स की मेजबानी सऊदी अरब का रियाद करेगा।

भारत के सामने 2030 में पदकों का शतक लगाने की चुनौती
नागोया Asian Games में भारत ने 21 गोल्ड समेत कुल 85 पदक जीतकर चौथा स्थान हासिल किया। यह प्रदर्शन 2023 के हांगझोउ एशियन गेम्स से कम रहा, जहां भारत ने पहली बार 100 से ज्यादा पदक जीते थे और 28 गोल्ड सहित कुल 107 पदक अपने नाम किए थे। इस बार भारत 2023 में गोल्ड जीतने वाले कई इवेंट में अपनी सफलता दोहरा नहीं सका। अब भारतीय खिलाड़ियों और खेल संघों के सामने अगले एशियन गेम्स में खोई जमीन वापस हासिल करने और पदकों का शतक पार करने की बड़ी चुनौती होगी।


