दिल्ली के 48 ग्रामीण गांवों को शहरी गांव घोषित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। दिल्ली नगर निगम (MCD) की हाउस मीटिंग में मंगलवार को इससे जुड़ा प्रस्ताव पेश किया जाएगा। शहरी दर्जा मिलने के बाद इन इलाकों में सड़क, नाली, सफाई, जल निकासी, स्ट्रीट लाइट और कचरा प्रबंधन जैसी सुविधाओं की बेहतर योजना MCD के द्वारा बनाया जा सकेगा। ये गांव आउटर नॉर्थ, नॉर्थ, नॉर्थ ईस्ट, नॉर्थ वेस्ट, साउथ, साउथ वेस्ट और साउथ ईस्ट जोन में आते हैं, जिनमें सबसे ज्यादा गांव साउथ वेस्ट जोन के हैं।
मास्टर प्लान 2041 से जुड़ेगा विकास, निर्माण पर भी निगरानी
शहरी गांव घोषित होने के बाद इन इलाकों के विकास को दिल्ली मास्टर प्लान-2041 के प्रावधानों से जोड़ा जा सकेगा। इससे जमीन के इस्तेमाल, सड़क और दूसरी बुनियादी सुविधाओं की योजना को अधिक व्यवस्थित तरीके से लागू करने में मदद मिलेगी। साथ ही भवन निर्माण और भूमि उपयोग से जुड़े नियमों को लागू करने तथा अनधिकृत निर्माण पर नियंत्रण का रास्ता भी साफ होगा। DDA ने 20 फरवरी 2026 को इन 48 गांवों के शहरीकरण को मंजूरी दी थी। मास्टर प्लान के तहत लैंड पूलिंग, हरित क्षेत्रों के विकास और पुराने इलाकों के पुनर्विकास जैसी योजनाओं को भी आगे बढ़ाया जा सकता है।


