उत्तराखंड के बदरीनाथ में आयोजित ‘देवभूमि कल्चरल फेस्टिवल’ में DJ के तेज संगीत और डांस को लेकर विवाद बढ़ गया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन बदरीनाथ धाम की धार्मिक और सांस्कृतिक मर्यादा के अनुकूल नहीं हैं। उन्होंने केंद्र और उत्तराखंड सरकार से ऐसे कार्यक्रमों पर रोक लगाने की मांग की है।
‘धाम की पवित्रता बनाए रखना जरूरी’
जोशी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि आदि गुरु शंकराचार्य ने बदरीनाथ धाम की स्थापना हिमालय के शांत वातावरण में भक्ति और स्तुति के लिए की थी। उनका कहना है कि DJ के तेज संगीत वाले कार्यक्रम इस स्थान की पवित्रता को प्रभावित करते हैं। उन्होंने ऊंचाई वाले संवेदनशील हिमालयी क्षेत्र में बड़े आयोजनों और DJ के तेज संगीत के पर्यावरण तथा स्वास्थ्य पर संभावित असर को लेकर भी चिंता जताई। साथ ही शंकराचार्यों और संतों से धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराओं को बचाने के लिए आवाज उठाने की अपील की।
वीडियो सामने आने के बाद बढ़ा विवाद
‘देवभूमि कल्चरल फेस्टिवल 2026’ का आयोजन 19 और 20 सितंबर को बदरीनाथ के टूरिस्ट अराइवल प्लाजा में सेना के ‘ऑपरेशन सद्भावना’ के तहत चमोली जिला प्रशासन और उत्तराखंड पर्यटन विभाग के सहयोग से हुआ था। कार्यक्रम का उद्देश्य उत्तराखंड की लोक संस्कृति, हस्तशिल्प, स्थानीय उत्पाद और सीमावर्ती गांवों की परंपराओं को बढ़ावा देना था। सोशल मीडिया पर कार्यक्रम के कुछ वीडियो सामने आए, जिनमें तेज संगीत के बीच लोगों को डांस करते देखा गया। इसके बाद कुछ पुजारियों और धार्मिक हस्तियों ने भी आयोजन के स्वरूप पर सवाल उठाए। अब मुरली मनोहर जोशी की प्रतिक्रिया के बाद मामला और चर्चा में आ गया है।


