राजस्थान के जोधपुर में होने वाले बहुराष्ट्रीय हवाई युद्धाभ्यास ‘तरंग शक्ति 2026’ के लिए फ्रांसीसी वायु एवं अंतरिक्ष सेना का दस्ता पहुंच गया है। फ्रांस के Rafale लड़ाकू विमान, A330 MRTT टैंकर और A400M एटलस विमान इस अभ्यास का हिस्सा होंगे। भारतीय वायुसेना का यह अभ्यास 26 सितंबर से 12 अक्टूबर तक चलेगा।
राफेल के साथ आएंगे टैंकर और मालवाहक विमान
फ्रांसीसी दल मिशन पेगास के तहत भारत पहुंचा है। इसका मकसद भारतीय वायुसेना के साथ संयुक्त अभियान और ऑपरेशनल तालमेल को मजबूत करना है। फ्रांस के Rafale विमानों के साथ हवा में ईंधन भरने वाले A330 MRTT और भारी सैन्य परिवहन के लिए A400M विमान भी अभ्यास में शामिल होंगे।
40 से ज्यादा देशों की भागीदारी
‘तरंग शक्ति 2026’ में 40 से अधिक देशों की भागीदारी है। इनमें अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, श्रीलंका और यूएई समेत कई देश शामिल हैं। आधिकारिक जानकारी के अनुसार आठ विदेशी वायु सेनाएं अपने हवाई संसाधनों के साथ अभ्यास में हिस्सा लेंगी, जबकि 32 देश पर्यवेक्षक के तौर पर जुड़ेंगे।
F-35 से लेकर राफेल और तेजस तक
इस अभ्यास में अमेरिकी F-35 स्टेल्थ फाइटर भी पहली बार भारतीय वायुसेना के साथ इस तरह के अभ्यास में शामिल होगा। भारतीय वायुसेना Rafale, सुखोई-30MKI, तेजस, मिराज-2000, जगुआर और MiG-29 जैसे विमानों के साथ हिस्सा लेगी। अभ्यास में एयर डिफेंस, रिफ्यूलिंग, एयरलिफ्ट और जटिल संयुक्त हवाई अभियानों पर प्रशिक्षण होगा।
भारत-फ्रांस साझेदारी पर जोर
फ्रांसीसी अधिकारियों ने भारत को महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार बताते हुए दोनों देशों की वायु सेनाओं के साथ मिलकर काम करने और ऑपरेशनल अनुभव साझा करने पर जोर दिया है। ‘तरंग शक्ति’ का मुख्य उद्देश्य अलग-अलग वायु सेनाओं के बीच इंटरऑपरेबिलिटी, सामरिक तालमेल और संयुक्त अभियान क्षमता को बेहतर करना है।


