पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में सिंधु जल और कश्मीर का मुद्दा उठाते हुए भारत को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के हिस्से के पानी को रोकने या मोड़ने की किसी भी कोशिश को उनका देश ‘Act of War’ यानी युद्ध की कार्रवाई मानेगा। शहबाज ने कश्मीर को पाकिस्तान की ‘jugular vein’ यानी ‘गले की नस’ भी बताया।
भारत का जवाब- आतंकवाद के नतीजे होंगे
शहबाज के भाषण के बाद भारत ने Right of Reply के तहत जवाब दिया। UNGA में भारत की फर्स्ट सेक्रेटरी पेटल गहलोत ने पाकिस्तान के आरोपों को खारिज करते हुए सीमा पार आतंकवाद का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान बार-बार एक ही बात दोहराकर उसे सच नहीं बना सकता और भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी रक्षा के अधिकार का इस्तेमाल करता रहेगा। गहलोत ने 9/11 हमलों के मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन के पाकिस्तान में पाए जाने का भी जिक्र किया और आतंकवाद पर पाकिस्तान के रिकॉर्ड पर सवाल उठाए।
कश्मीर और सिंधु जल संधि पर आमने-सामने
UNGA में शहबाज शरीफ ने भारत द्वारा सिंधु जल संधि को स्थगित रखने के फैसले को कानूनी आधार और Act of War बताया। वहीं भारत का रुख रहा है कि सीमा पार आतंकवाद जारी रहते हुए आपसी भरोसे और सद्भाव पर आधारित सहयोग की उम्मीद नहीं की जा सकती। शहबाज ने अपने भाषण में 2025 के भारत-पाकिस्तान सैन्य तनाव का भी जिक्र किया और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की भूमिका की तारीफ की। भारत तीसरे पक्ष की मध्यस्थता के दावों को पहले खारिज करता रहा है।

