UP में लगातार हुई भारी बारिश ने कई जिलों में भारी तबाही मचाई है। 25 से 27 सितंबर के बीच बारिश से जुड़ी घटनाओं में 81 लोगों की मौत और 62 लोगों के घायल होने की सूचना है, जबकि 2,254 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। सीतापुर में सबसे ज्यादा सात मौतें दर्ज की गईं, जबकि लखीमपुर खीरी, बहराइच और बलरामपुर में पांच-पांच लोगों की जान गई। राज्य में फसलों को भी बड़े स्तर पर नुकसान पहुंचा है, जिसका आकलन अभी जारी है।
सामान्य से 775% ज्यादा बारिश, 56 जिले प्रभावित
राहत आयुक्त कार्यालय के मुताबिक, इस अवधि में UP में औसतन 66.5 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य बारिश 7.6 मि.मी मानी गई थी। यानी UP में सामान्य से करीब 775 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई। राज्य के 75 में से 56 जिलों में अत्यधिक वर्षा दर्ज की गई। फर्रुखाबाद में बारिश सामान्य से 7,385 प्रतिशत अधिक रही, जबकि कन्नौज, शाहजहांपुर, हमीरपुर और महोबा भी सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में शामिल रहे। कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर और बरेली समेत कई इलाकों में जलभराव ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी।
राहत-बचाव अभियान जारी, बारिश से मिल सकती है राहत
प्रभावित इलाकों में प्रशासन की ओर से राहत और बचाव अभियान जारी है। अधिकारियों को फसल और मकानों के नुकसान का आकलन करने के साथ प्रभावित परिवारों तक जल्द सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, मौसम प्रणाली के कमजोर पड़ने के साथ UP में तेज बारिश से कुछ राहत मिलने के संकेत हैं। लोगों को जलभराव वाले क्षेत्रों और तेज बहाव वाली नदियों-नालों से दूर रहने की सलाह दी गई है। आपात स्थिति में राहत आयुक्त कार्यालय की 1070 हेल्पलाइन पर संपर्क किया जा सकता है।

