दिल्ली में लगातार हो रही बारिश ने विपक्षी गठबंधन INDIA Bloc के विरोध प्रदर्शन की तैयारियों पर पानी फेर दिया है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ शुक्रवार को होने वाली प्रतीकात्मक ‘जन महाभियोग’ की कार्यवाही अब शनिवार तक के लिए टाल दी गई है। यह कार्यक्रम नई दिल्ली के राजाजी मार्ग स्थित कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के सरकारी आवास पर आयोजित किया जाना था।

विपक्षी दलों INDIA Bloc ने खराब मौसम और बारिश को देखते हुए कार्यक्रम की तारीख बदलने का फैसला किया। इस कार्यक्रम में INDIA Bloc विपक्ष के कई बड़े नेताओं, सांसदों और अन्य प्रतिनिधियों के शामिल होने की योजना थी। इसके जरिए विपक्ष चुनाव आयोग के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर करने और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की तैयारी में था।
‘वोट चोरी’ के आरोपों पर चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष का प्रदर्शन
विपक्षी गठबंधन INDIA Bloc ने चुनाव आयोग पर मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और ‘वोट चोरी’ से जुड़े सवालों का सही जवाब नहीं देने का आरोप लगाया है। विपक्ष का कहना है कि SIR यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया में कई मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

इसी मुद्दे पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर प्रतीकात्मक जन महाभियोग कार्यक्रम की योजना बनाई गई थी। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विपक्षी दलों के नेताओं को एक मंच पर लाकर चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाना और अपनी मांगों को जनता तक पहुंचाना था। विपक्ष इस पूरे मामले को लोकतंत्र और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बता रहा है।
1 नवंबर को रामलीला मैदान में कांग्रेस का ‘दिल्ली चलो’ मार्च
जन महाभियोग कार्यक्रम टलने के बावजूद INDIA Bloc विपक्ष ने अपने आंदोलन को जारी रखने का फैसला किया है। कांग्रेस ने 1 नवंबर को कथित ‘वोट चोरी’ के खिलाफ दिल्ली के रामलीला मैदान तक ‘दिल्ली चलो’ मार्च निकालने का ऐलान किया है। पार्टी इस मार्च को बड़े स्तर पर आयोजित करने की तैयारी में है और इसमें कम से कम 10 लाख लोगों को जुटाने का लक्ष्य रखा गया है।

कांग्रेस का मानना है कि इस प्रदर्शन के जरिए चुनाव आयोग और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर सरकार का ध्यान खींचा जा सकेगा। अब सबकी नजर शनिवार को होने वाले जन महाभियोग कार्यक्रम और 1 नवंबर की प्रस्तावित रैली पर टिकी है, जहां विपक्ष अपनी आगे की रणनीति और मांगों को लेकर बड़ा संदेश देने की कोशिश करेगा।


