विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की 81वीं बैठक से इतर ग्लोबल साउथ देशों की उच्च स्तरीय बैठक को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से हो रहे बदलावों का प्रबंधन ऐसा होना चाहिए, जिससे दुनिया में नई दूरियां न बढ़ें और विकासशील देशों की निर्णय प्रक्रिया में प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित हो।
आगे जयशंकर ने कहा कि संघर्ष, महंगाई और जलवायु परिवर्तन जैसे वैश्विक संकटों का असर विकासशील देशों पर सबसे अधिक पड़ रहा है, जबकि अंतरराष्ट्रीय फैसलों में उनकी भूमिका अपेक्षाकृत कम है। उन्होंने AI के विकास और उसके नियमों को लेकर ग्लोबल साउथ की आवाज़ को अधिक जगह देने की ज़रूरत बताई।
खाद्य-ऊर्जा सुरक्षा और सप्लाई चेन पर भी जोर
बैठक में सप्लाई चेन की बाधाओं, ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा तथा निष्पक्ष व्यापार जैसे मुद्दों पर भी सहयोग बढ़ाने की बात कही गई। जयशंकर का संदेश ऐसे समय आया है जब AI गवर्नेंस को लेकर भारत और अन्य विकासशील देश सुरक्षित, समावेशी और जिम्मेदार तकनीकी विकास पर जोर दे रहे हैं।


