राष्ट्रकवि और साहित्य के महारथी रामधारी सिंह दिनकर की 118वीं जयंती पर देशभर में उन्हें याद किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने दिनकर को श्रद्धांजलि देते हुए उनकी रचनाओं को राष्ट्रचेतना, आत्मगौरव और सामाजिक सरोकारों की सशक्त आवाज़ बताया। पीएम मोदी ने कहा कि दिनकर की ओजस्वी कविताएं आज भी लोगों में शौर्य और आत्मगौरव का भाव जगाती हैं।
सिमरिया में जुटेंगे साहित्य और संस्कृति के दिग्गज
दिनकर की जन्मभूमि सिमरिया, बेगूसराय में 23 और 24 सितंबर को दो दिवसीय जयंती समारोह आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में साहित्यकारों, प्रोफेसरों, रंगकर्मियों और विचारकों की भागीदारी होगी। दिनकर की रचनाओं पर विमर्श के साथ नाटक प्रदर्शन भी कार्यक्रम का हिस्सा है।
रचनाओं में आज भी गूंजती है जनचेतना
‘रश्मिरथी’, ‘कुरुक्षेत्र’ और ‘उर्वशी’ जैसी रचनाओं के ज़रिए दिनकर ने हिंदी साहित्य को नई पहचान दी। उनकी कविताओं में राष्ट्रप्रेम के साथ सामाजिक चेतना और संघर्ष की आवाज़ भी दिखाई देती है। यही वजह है कि 118वीं जयंती पर साहित्य जगत से लेकर आम पाठकों तक, उनकी रचनाएं आज भी चर्चा और स्मरण का केंद्र बनी हुई हैं।


