दिल्ली में सर्दियों के Pollution से निपटने के लिए सरकार 1 नवंबर से कई सख्त कदम लागू करने जा रही है। अधिकृत पार्किंग स्थलों पर पार्किंग शुल्क दोगुना होगा, जबकि वैध PUC के बिना वाहन को पेट्रोल-डीजल नहीं मिलेगा। इसके साथ ही दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड BS-VI से नीचे के वाहनों की एंट्री पर भी पाबंदी रहेगी, हालांकि CNG, इलेक्ट्रिक और जरूरी सेवाओं से जुड़े वाहनों को छूट मिलेगी। सरकार का मकसद निजी वाहनों का इस्तेमाल घटाकर पब्लिक ट्रांसपोर्ट और साफ ईंधन वाले वाहनों को बढ़ावा देना है।
निर्माण पर रोक, 50% वर्क फ्रॉम होम की तैयारी
धूल से होने वाले Pollution को रोकने के लिए 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक धूल पैदा करने वाले तोड़फोड़ और खुले निर्माण कार्यों पर रोक रहेगी। इसके बाद सबसे संवेदनशील अवधि 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक निर्माण और तोड़फोड़ पर पूर्ण प्रतिबंध लागू होगा, जिसमें जरूरी सार्वजनिक परियोजनाओं को छूट मिल सकती है। ट्रैफिक का दबाव कम करने के लिए सरकारी और निजी दफ्तरों में 50% कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम और अलग-अलग ऑफिस टाइमिंग की व्यवस्था भी प्लान का हिस्सा है।
हॉटस्पॉट से उद्योगों तक बढ़ेगी निगरानी
सरकार Pollution हॉटस्पॉट, खुले में कूड़ा जलाने और Pollution फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों पर भी निगरानी बढ़ाएगी। एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग नेटवर्क का विस्तार करने के साथ सड़कों से उड़ने वाली धूल कम करने, हरियाली बढ़ाने और मेट्रो स्टेशनों पर लास्ट-माइल कनेक्टिविटी बेहतर करने पर जोर रहेगा। दिल्ली का यह विंटर पॉल्यूशन प्लान 1 नवंबर 2026 से 28 फरवरी 2027 तक चरणबद्ध तरीके से लागू रहेगा और GRAP के नियम भी इसके साथ प्रभावी रहेंगे।

