दिल्ली के ITO फ्लाईओवर के नीचे लंबे समय से खाली पड़े स्पेस का जल्द कायाकल्प होने जा रहा है। इस जगह को रीडेवलप कर मॉड्यूलर ऑफिस, पार्किंग, कैफेटेरिया, फूड कोर्ट और कियोस्क बनाए जाने की योजना है। इसके साथ ही पब्लिक टॉयलेट, बेंच और वेंडिंग जोन जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इस पूरे प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए चार महीने की डेडलाइन तय की गई है। हाल ही में दिल्ली के PWD मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने फ्लाईओवर के नीचे के हिस्से का निरीक्षण भी किया था।
मॉड्यूलर ऑफिस से लेकर वर्टिकल गार्डनिंग तक
फ्लाईओवर के पिलर्स के बीच मौजूद करीब 300 से 500 मीटर के गैप का बेहतर इस्तेमाल करने की तैयारी है। यहां बनाए जाने वाले मॉड्यूलर ऑफिस के चारों तरफ शीशे लगाने का प्लान है, जबकि पर्याप्त रोशनी के लिए आधुनिक लाइटिंग की व्यवस्था की जाएगी। आसपास के दफ्तरों में काम करने वाले कर्मचारियों, वकीलों और राहगीरों को ध्यान में रखते हुए फूड कोर्ट, कैफेटेरिया और कियोस्क विकसित किए जाएंगे। साथ ही, लैंडस्केपिंग और वर्टिकल गार्डनिंग के जरिए इस हिस्से को ज्यादा हराभरा और आकर्षक बनाने की योजना है।

CCTV से सुरक्षा, पार्किंग और वेंडिंग जोन की भी सुविधा
रीडेवलपमेंट के बाद ITO फ्लाईओवर के नीचे का उपेक्षित और गंदा नजर आने वाला हिस्सा ज्यादा साफ, व्यवस्थित और उपयोगी बनाने का लक्ष्य है। यहां CCTV कैमरे लगाकर सुरक्षा मजबूत की जाएगी और पैदल आवाजाही को भी बेहतर करने पर जोर रहेगा। पार्किंग के साथ वेंडिंग जोन और सार्वजनिक सुविधाओं की व्यवस्था से इस जगह का इस्तेमाल स्थानीय कर्मचारियों और आम लोगों के लिए आसान होगा। चार महीने में काम पूरा होने के बाद ITO फ्लाईओवर के नीचे का यह खाली स्पेस ऑफिस, पार्किंग, खान-पान और सार्वजनिक सुविधाओं वाले नए शहरी स्पेस में बदलने की उम्मीद है।


