असम के गुवाहाटी में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं और कार्यकर्ताओं की हिरासत को लेकर विवाद बढ़ गया है। पार्टी के सह-संयोजक आशुतोष रंका समेत करीब 40 कार्यकर्ताओं को रविवार को प्रस्तावित क्षेत्रीय वालंटियर मीटिंग से पहले पुलिस ने हिरासत में लिया था। CJP ने दावा किया कि उन्हें बिना उचित कारण बताए हिरासत में रखा गया और बाद में सभी को रिहा कर दिया गया। पार्टी नेताओं ने पुलिस कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।
‘24 घंटे में सिर्फ एक केला मिला’
रिहाई के बाद CJP नेताओं ने आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान उन्हें खाना तक उपलब्ध नहीं कराया गया। पार्टी की ओर से दावा किया गया कि करीब 24 घंटे में उन्हें सिर्फ एक केला मिला। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। दूसरी ओर, आशुतोष रंका ने आरोप लगाया कि पुलिस की कार्रवाई का मकसद पार्टी की बैठक रोकना था। असम पुलिस की ओर से हिरासत के कारणों और भोजन से जुड़े इन आरोपों पर फिलहाल कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
स्कूलों से परिसीमन तक, CJP ने सरकार को घेरा
रिहाई के बाद CJP नेताओं ने असम में ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान चलाने की बात कही। पार्टी के मुताबिक, उसके वालंटियर सरकारी स्कूलों का दौरा कर बिजली, पंखे, कक्षाओं और शिक्षकों की उपलब्धता जैसी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति दर्ज करेंगे। नेताओं ने असम के परिसीमन और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर भी सवाल उठाए। आशुतोष रंका ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर कई आरोप लगाए, जिन्हें सरकार की ओर से इस रिपोर्ट के समय स्वतंत्र रूप से पुष्ट नहीं किया गया है। हिरासत को लेकर कांग्रेस समेत कुछ विपक्षी दलों ने भी सवाल उठाए और इसे असहमति की आवाज दबाने की कोशिश बताया।


