देश के सबसे बड़े निजी Bank में शामिल HDFC बैंक की आंतरिक जांच में दो वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा गोपनीय कारोबारी रणनीति और बाजार से जुड़ी संवेदनशील जानकारी बाहरी लोगों तक पहुंचाने के सबूत मिले हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, Bank ने जानकारी लीक होने की आशंका के बाद जांच शुरू की थी।

अब यह पता लगाया जा रहा है कि लीक हुई जानकारी का कहीं गलत इस्तेमाल तो नहीं हुआ। बैंक के प्रवक्ता ने आंतरिक समीक्षा की पुष्टि की है, लेकिन जांच के नतीजों और अधिकारियों की पहचान पर टिप्पणी नहीं की है।
शेयरों में गिरावट और नेतृत्व परिवर्तन से बढ़ी चुनौती
यह खुलासा ऐसे समय हुआ है, जब HDFC Bank प्रबंधन में बदलाव और शेयरों में गिरावट का सामना कर रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस साल बैंक के शेयर करीब 28% तक गिर चुके हैं। वहीं, मार्च में तत्कालीन चेयरमैन अतानु चक्रवर्ती ने बैंक के कामकाज से जुड़े मतभेदों का हवाला देते हुए अचानक इस्तीफा दे दिया था।

इसके बाद एक स्वतंत्र कानूनी समीक्षा में उनकी चिंताओं की पुष्टि नहीं हुई। मौजूदा CEO शशिधर जगदीशन ने भी अगला कार्यकाल नहीं लेने का फैसला किया है।
अनूप बागची के सामने बढ़ेंगी चुनौतियां?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जांच के नतीजों की जानकारी वरिष्ठ प्रबंधन और बोर्ड के कुछ सदस्यों को पहले ही दी जा चुकी थी। दोनों अधिकारियों को भी इसकी सूचना दे दी गई है, लेकिन उनके खिलाफ संभावित अनुशासनात्मक कार्रवाई पर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।

ICICI ग्रुप से जुड़े रहे अनुभवी अधिकारी अनूप बागची 27 अक्टूबर को HDFC Bank के CEO का पद संभालने वाले हैं। ऐसे में बैंक के सामने आंतरिक नियंत्रण मजबूत रखने, भरोसा बनाए रखने और नेतृत्व परिवर्तन को सुचारु रूप से पूरा करने की चुनौती होगी।


