बॉलीवुड के महानायक Amitabh Bachchan ने अपने पुश्तैनी गांव बाबू पट्टी में बच्चों के लिए बनाई गई लाइब्रेरी के लंबे समय से शुरू न हो पाने पर माफी मांगी है। ‘कौन बनेगा करोड़पति 18’ के एक एपिसोड में प्रतापगढ़ से जुड़े कंटेस्टेंट चंद्र प्रकाश तिवारी से बातचीत के दौरान Amitabh Bachchan अपने गांव की चर्चा करते हुए भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि बाबू पट्टी उनके पूर्वजों की जन्मभूमि है और उनके पिता, मशहूर कवि हरिवंश राय बच्चन, भी इसी गांव से थे।

जया बच्चन के साथ गांव पहुंचे थे अमिताभ
Amitabh Bachchan ने बताया कि जब वह पत्नी जया बच्चन के साथ गांव गए थे, तब जया ने देखा कि वहां बच्चों के पढ़ने के लिए कोई बेहतर जगह नहीं है। इसके बाद दोनों ने गांव में बच्चों के लिए एक लाइब्रेरी बनाने की योजना बनाई। अमिताभ के मुताबिक, करीब 20 साल पहले शुरू की गई यह पहल अब तक पूरी तरह शुरू नहीं हो सकी और लाइब्रेरी की इमारत जर्जर हालत में पहुंच गई। इस देरी को लेकर उन्होंने गांव के लोगों से माफी मांगी और भरोसा दिलाया कि लाइब्रेरी को जल्द शुरू कराने की कोशिश की जाएगी।

‘बाबू पट्टी हमारे पूर्वजों की जन्मभूमि’
शो के दौरान बाबू पट्टी का नाम सुनते ही Amitabh Bachchan ने अपने पारिवारिक जुड़ाव को याद किया। उन्होंने कहा, “बाबू पट्टी, हमारे पूर्वजों का जन्मस्थान था और बाबूजी वहीं से आए थे।” लाइब्रेरी को लेकर हुई देरी के बीच स्थानीय लोगों की नाराजगी भी सामने आई है और कुछ लोगों ने इसे लेकर ‘नाम बड़े, दर्शन छोटे’ जैसी प्रतिक्रिया दी है। अब Amitabh Bachchan के आश्वासन के बाद गांव के लोगों को उम्मीद है कि वर्षों से अधूरी पड़ी यह लाइब्रेरी बच्चों के लिए वास्तव में शुरू हो सकेगी।



