दिल्ली-NCR में बढ़ते वायु Pollution ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। राजधानी का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) महज चार दिनों में 117 से बढ़कर 377 पहुंच गया है, जिसके बाद Pollution पर नियंत्रण के लिए 20 नवंबर तक नई पाबंदियां लागू कर दी गई हैं। कमिशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) के निर्देशों के तहत धूल फैलाने वाले निर्माण और तोड़फोड़ के कामों पर रोक रहेगी।

इसके अलावा गुरुग्राम, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, फरीदाबाद, गाजियाबाद और सोनीपत में सरकारी और निजी कार्यालयों के 50 फीसदी कर्मचारी घर से काम करेंगे। हालांकि, जिन कार्यालयों में आधे कर्मचारियों के साथ कामकाज संभव नहीं है, उन्हें राज्य सरकारें छूट दे सकती हैं।
निर्माण कार्यों पर रोक, जरूरी प्रोजेक्ट को राहत
नई पाबंदियों के तहत सड़क, भवन और अन्य जगहों पर धूल फैलाने वाले निर्माण कार्य और तोड़फोड़ की गतिविधियां बंद रहेंगी। हालांकि, मेट्रो, रेलवे, एयरपोर्ट और अस्पताल जैसी जरूरी परियोजनाओं को छूट दी गई है।

घरों के अंदर प्लंबर, बिजली और छोटी-मोटी मरम्मत के काम भी किए जा सकेंगे, बशर्ते उनसे धूल न फैले। निर्माण सामग्री खुले में रखने की अनुमति नहीं होगी और छूट प्राप्त परियोजनाओं को भी Pollution नियंत्रण के नियमों का पालन करना होगा।
मौसम बना प्रदूषण बढ़ने की बड़ी वजह
दिल्ली के साथ NCR के कई शहरों में भी हवा की गुणवत्ता खराब हो रही है। बुधवार को फरीदाबाद का AQI 160, गाजियाबाद का 257, ग्रेटर नोएडा का 309, गुरुग्राम का 322 और नोएडा का 330 दर्ज किया गया। विशेषज्ञों के मुताबिक, हवा की धीमी रफ्तार, बढ़ती नमी और मौसम में बदलाव के कारण Pollution के कण वातावरण में फैलने के बजाय जमीन के आसपास जमा हो रहे हैं।

पराली जलाने और दिवाली के दौरान Pollution बढ़ने के पुराने अनुभवों को देखते हुए CAQM ने ये सख्त कदम उठाए हैं। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने भी लोगों से यात्रा से पहले ट्रैफिक एडवाइजरी और डायवर्जन की जानकारी लेने की अपील की है।

