अमेरिका में 2026 के मध्यावधि चुनाव (US Midterm Elections) के लिए आज यानी 3 नवंबर को मतदान हो रहा है। इस चुनाव में अमेरिकी संसद के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की सभी 435 सीटों और उच्च सदन सीनेट की 35 सीटों पर वोट डाले जा रहे हैं। इसके अलावा 36 राज्यों में गवर्नर पद के लिए भी चुनाव हो रहे हैं।

फिलहाल अमेरिकी संसद के दोनों सदनों में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी का बहुमत है। ऐसे में US Midterm Elections को ट्रंप प्रशासन के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। चुनाव के नतीजे तय करेंगे कि रिपब्लिकन पार्टी संसद में अपना बहुमत बरकरार रख पाती है या डेमोक्रेटिक पार्टी को सदनों में ज्यादा ताकत मिलती है।
मतदान खत्म होते ही शुरू होगी मतगणना, कुछ राज्यों में लग सकता है समय
अमेरिकी समय के अनुसार अलग-अलग राज्यों में सुबह से ही मतदान शुरू हो चुका है। वोटिंग खत्म होने के बाद 3 नवंबर की शाम से मतगणना शुरू होने की उम्मीद है और शुरुआती रुझान सामने आने लगेंगे। हालांकि, सभी सीटों की तस्वीर तुरंत साफ होना जरूरी नहीं है।

कई राज्यों में मेल-इन यानी डाक से भेजे गए मतपत्रों की गिनती में समय लग सकता है। इस वजह से कुछ सीटों के आधिकारिक नतीजे 4 या 5 नवंबर तक भी आ सकते हैं। US Midterm Elections में हाउस और सीनेट के नियंत्रण के साथ-साथ राज्य स्तर पर गवर्नर पदों के नतीजों पर भी सबकी नजर रहेगी।
चुनावी अनुमानों में डेमोक्रेट्स को बढ़त के संकेत, ट्रंप के लिए अहम परीक्षा
US Midterm Elections से पहले जारी अनुमानों में डेमोक्रेटिक पार्टी को संसद में बहुमत हासिल करने की संभावनाओं के लिहाज से बढ़त दिखाई गई है। Decision Desk HQ के 2 नवंबर 2026 के अनुमान के मुताबिक, डेमोक्रेट्स के हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में नियंत्रण हासिल करने की संभावना 84% और सीनेट में बहुमत पाने की संभावना 64% बताई गई है। वहीं, Polymarket के अनुमान में दोनों सदनों में डेमोक्रेटिक पार्टी के बहुमत की संभावना 78% दिखाई गई है।

Emerson College के 31 अक्टूबर से 1 नवंबर तक के सर्वे में मेन सीनेट सीट पर रिपब्लिकन उम्मीदवार सुसान कोलिन्स को 1 अंक की बढ़त, जबकि मिशिगन में डेमोक्रेट उम्मीदवार अब्दुल अल-सईद को 6 अंक की बढ़त दिखाई गई। हालांकि, ये सभी US Midterm Elections पूर्व अनुमान और सर्वे हैं, अंतिम नतीजे नहीं। इन चुनावों के परिणाम न केवल अमेरिकी संसद का राजनीतिक संतुलन तय करेंगे, बल्कि राष्ट्रपति ट्रंप के आने वाले दो वर्षों के कामकाज पर भी असर डाल सकते हैं।

