दिल्ली में बढ़ते Air Pollution ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। हवा की गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंचने के बाद राजधानी में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP-2) का दूसरा चरण लागू कर दिया गया है। सोमवार को दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 324 दर्ज किया गया, जबकि कई इलाकों में यह 300 से 400 के पार पहुंच गया।

Air Pollution पर लगाम लगाने के लिए 1 नवंबर से दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड BS-VI से नीचे के मानकों वाले पेट्रोल और डीजल वाहनों के प्रवेश पर भी रोक लगाई गई है।
GRAP-2 के तहत बढ़ेंगी पाबंदियां, पार्किंग होगी महंगी
GRAP-2 के तहत दिल्ली में पार्किंग फीस बढ़ाई जाएगी, ताकि लोग निजी वाहनों का कम इस्तेमाल करें। Air Pollution पर सड़कों पर नियमित पानी का छिड़काव और एंटी-स्मॉग गन का उपयोग भी बढ़ाया जाएगा।

इसके अलावा खुले में कचरा जलाने पर पूरी तरह रोक रहेगी। होटल, ढाबों और रेस्तरां में कोयले और लकड़ी के तंदूर के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया गया है, जबकि डीजल जनरेटर के उपयोग पर भी सख्त नियंत्रण रहेगा।
मेट्रो-बस से सफर करने की अपील, दफ्तरों में भी बदलाव
Air Pollution को कम करने के लिए लोगों से निजी वाहनों की जगह मेट्रो और बस जैसे सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने की अपील की गई है।

इसके साथ ही सरकारी और निजी दफ्तरों के कामकाज के समय में बदलाव, वर्क फ्रॉम होम और कर्मचारियों की संख्या सीमित करने जैसे उपाय भी किए जा रहे हैं। प्रशासन का उद्देश्य वाहनों और अन्य स्रोतों से होने वाले प्रदूषण को कम करना है, ताकि दिल्ली की हवा में सुधार लाया जा सके।


