दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस की ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ रैली के बाद भाजपा ने 1984 के Sikh Riots दंगों को लेकर कांग्रेस पर पलटवार किया।

रविवार को दिल्ली भाजपा ने सिख संगठनों के साथ मिलकर हरीनगर बस डिपो से तिलक नगर मेट्रो स्टेशन तक मौन Sikh Riots विरोध मार्च निकाला। इस दौरान भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व से 1984 दंगों के पीड़ित परिवारों से माफी मांगने और जवाबदेही स्वीकार करने की मांग की।
हरदीप सिंह पुरी और रेखा गुप्ता ने कांग्रेस को घेरा
हरीनगर बस डिपो पर आयोजित Sikh Riots विरोध सभा में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि 1984 के दंगों में दिल्ली में 2,733 और देशभर में करीब 3,325 लोगों की जान गई थी। उन्होंने इसे सामान्य दंगा नहीं, बल्कि सुनियोजित नरसंहार बताया।

वहीं, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कांग्रेस की लोकतंत्र बचाने की मुहिम पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या नवंबर 1984 में लोकतंत्र की हत्या नहीं हुई थी? उन्होंने कहा कि हजारों परिवार आज भी न्याय का इंतजार कर रहे हैं।
राहुल गांधी पर भी साधा निशाना
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने राहुल गांधी पर 1984 के पीड़ित परिवारों के पुराने जख्मों को फिर से कुरेदने का आरोप लगाया। वहीं, मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कांग्रेस पर दंगों के आरोपियों को राजनीतिक पद देने का आरोप लगाया।

वरिष्ठ अधिवक्ता एचएस फुल्का ने भी हिंसा को सुनियोजित बताते हुए सिख परिवारों की पहचान और उनके घरों की सूची पहले से तैयार होने की बात कही। भाजपा नेताओं ने मांग की कि कांग्रेस लोकतंत्र और मताधिकार की बात करने से पहले 1984 Sikh Riots के पीड़ितों के प्रति अपनी जवाबदेही स्वीकार करे।


