उत्तर प्रदेश में Election Commission ने मतदाता सूची में गलतियों और लापरवाही को लेकर सख्त रुख अपनाया है। अब वोटर लिस्ट में गड़बड़ी मिलने पर सिर्फ कंप्यूटर सहायकों ही नहीं, बल्कि ADM, SDM और जिला निर्वाचन अधिकारी के तौर पर DM की भी जवाबदेही तय होगी।

वोटर लिस्ट में गलती मिली तो अधिकारियों पर होगी कार्रवाई
आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय ने मतदाता सूची को सही और पारदर्शी बनाने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं।

Election Commission के मुताबिक मतदाता फॉर्म की डेटा एंट्री में गड़बड़ी या जानबूझकर लापरवाही मिलने पर संबंधित कर्मचारियों के साथ जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई हो सकती है। कंप्यूटर सहायकों के काम की जांच की जाएगी और यह भी देखा जाएगा कि उनके काम की निगरानी करने वाले अधिकारियों ने अपनी जिम्मेदारी ठीक से निभाई या नहीं।
रोल प्रेक्षक करेंगे निगरानी, तबादलों पर भी रोक
Election Commission ने प्रत्येक मंडल के कमिश्नर को रोल प्रेक्षक (Roll Observer) के रूप में तैनात कर मतदाता सूची के काम की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) अभियान के दौरान निर्वाचन कार्य में लगे DM, ADM और SDM के तबादलों पर रोक लगाई गई है।

ताकि मतदाता सूची तैयार करने का काम बिना रुकावट पूरा हो सके। Election Commission का यह कदम वोटर लिस्ट में गलतियों को रोकने, अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने और आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूची को अधिक भरोसेमंद बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।


