उत्तर प्रदेश से उत्तराखंड तक Ramleela के मंच पर भगवान श्रीराम के वनवास का मार्मिक दृश्य देखने को मिला। मेरठ के जिमखाना मैदान में सनातन धर्म रक्षिणी सभा और रामलीला कमेटी की ओर से Ramleela का मंचन किया गया।

वरिष्ठ सर्जन डॉ. विवेक बंसल ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। प्रभु राम, माता सीता और लक्ष्मण के वनवास यात्रा के दृश्य ने दर्शकों को भावुक कर दिया। सनातन धर्म मंदिर से शुरू हुई यात्रा शहर के विभिन्न बाजारों से होते हुए सूरजकुंड पहुंची, जहां नगरवासियों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया।
खेकड़ा में केवट प्रसंग, दशरथ के निधन ने किया भावुक
खेकड़ा के गांधी प्याऊ पर हुई Ramleela में भगवान राम, सीता और लक्ष्मण के वनगमन के साथ केवट प्रसंग का मंचन किया गया। कलाकारों ने दिखाया कि केवट ने भगवान राम के पैर धोकर उन्हें नाव से नदी पार कराई।

इसके बाद तीनों चित्रकूट पहुंचे और कुटिया बनाकर रहने लगे। राम के वनवास की खबर मिलने पर भरत उनसे मिलने जंगल पहुंचे, जबकि पुत्र वियोग में राजा दशरथ ने प्राण त्याग दिए। दर्शकों ने कलाकारों के अभिनय की सराहना की और सुरक्षा के लिए पुलिस गश्त करती रही।
पिथौरागढ़ की रामलीला में मंथरा-कैकेयी संवाद
पिथौरागढ़ की सदर Ramleela और टकाना रामलीला में भी भगवान राम के 14 वर्ष के वनवास का भावपूर्ण मंचन हुआ। सदर रामलीला में मंथरा-कैकेयी संवाद से कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इ

सके बाद मर्यादा पुरुषोत्तम राम के वन प्रस्थान का दृश्य दिखाया गया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। वहीं, मेरठ की रामलीला कमेटी के अनुसार, 15 अक्टूबर को पंचवटी लीला, शूर्पणखा का नाक कटने, खर-दूषण वध और सीता हरण जैसे प्रसंगों का मंचन किया जाएगा।

