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Delhi market: दिल्ली में प्रदर्शन से कारोबार पर मार, ₹2,000 करोड़ के नुकसान का दावा

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दिल्ली में विरोध-प्रदर्शनों, पुलिस बैरिकेडिंग और ट्रैफिक डायवर्जन का असर अब market के कारोबार पर भी दिखने लगा है। त्योहारी सीजन में होटल, टूरिज्म, फुटवियर, खिलौने, कपड़े, मसाले और जूलरी जैसे कारोबार से जुड़े व्यापारी परेशान हैं। व्यापारियों का कहना है कि रास्ते बंद होने और आवाजाही में दिक्कत के कारण ग्राहक बाजारों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।

सदर market के खिलौना कारोबारी पवन अग्रवाल के मुताबिक, नवरात्र से दिवाली तक बिक्री बढ़ने की उम्मीद थी, लेकिन गोदामों में सामान होने के बावजूद खरीदार कम हैं। वहीं, सेंट्रल दिल्ली के होटलों में बुकिंग कैंसल होने की बात भी सामने आई है। खान मार्केट और खारी बावली के व्यापारियों ने भी कारोबार पर असर पड़ने की चिंता जताई है।

होटल, फुटवियर और छोटे कारोबारियों की बढ़ी चिंता

कारोबारियों का कहना है कि दिल्ली देश का बड़ा व्यापारिक केंद्र है, जहां दूसरे शहरों से भी बड़ी संख्या में खरीदार आते हैं। यातायात बाधित होने से उनकी आवाजाही कम हो रही है, जिसका असर छोटे व्यापारियों और दिहाड़ी मजदूरों पर भी पड़ रहा है। करोल बाग के फुटवियर कारोबारियों के मुताबिक, जूते-चप्पलों का market पहले से मंदी का सामना कर रहा है और त्योहारों से मिली उम्मीदों पर भी असर पड़ रहा है।

होटल कारोबारियों को यह चिंता भी है कि सुरक्षा और यातायात से जुड़ी नकारात्मक खबरों के कारण विदेशी पर्यटक अपनी यात्रा की योजना बदल सकते हैं। व्यापारियों ने मांग की है कि विरोध-प्रदर्शनों के लिए ऐसे इंतजाम हों, जिससे market और आम लोगों की आवाजाही प्रभावित न हो।

दिल्ली हाई कोर्ट में ₹2,000 करोड़ के नुकसान का दावा

प्रदर्शनों के कारण ट्रैफिक जाम और कारोबार को हो रहे नुकसान का मामला दिल्ली हाई कोर्ट भी पहुंचा है। मंगलवार को दो जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए अदालत ने केंद्र सरकार से अपना आधिकारिक रुख स्पष्ट करने को कहा। एक याचिका में कारोबारियों को करीब 2,000 करोड़ रुपये के नुकसान का दावा किया गया, जबकि दूसरी में ट्रैफिक प्रबंधन के लिए व्यापक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP), बेहतर डायवर्जन योजना और समय पर एडवाइजरी जारी करने की मांग की गई।

याचिकाकर्ताओं ने प्रदर्शनों पर पूरी तरह रोक लगाने के बजाय मौजूदा नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करने की बात कही। केंद्र ने बताया कि संबंधित मुद्दे सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों के दायरे में आते हैं। हाई कोर्ट ने संबंधित दस्तावेज पेश करने का निर्देश दिया है। मामले में अगली सुनवाई शुक्रवार को होगी।

Voter Vani Bureau

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