मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC ) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ CJP विरोध प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित कॉकरोचों जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन को दिल्ली पुलिस ने अनुमति देने से इनकार कर दिया है। पुलिस के मुताबिक, आवेदन देर से दिया गया और पिछले प्रदर्शनों के दौरान निर्धारित शर्तों का पालन नहीं हुआ था।

राजधानी में 20 हजार से अधिक पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों की तैनाती की खबर है। पुलिस ने लोगों से बिना अनुमति भीड़ जुटाने से बचने, शांति बनाए रखने और सुरक्षा कर्मियों के साथ टकराव न करने की अपील की है।
SIR के मुद्दे पर विरोध, कार्यकर्ताओं की हिरासत का दावा
CJP और कई छात्र संगठनों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। आंदोलन से जुड़े प्रवक्ता आशुतोष रांका ने दावा किया कि CJP, छात्र संगठनों, किसान समूहों, दलित संगठनों और राजनीतिक दलों से जुड़े कम से कम 10 हजार लोगों को हिरासत में लिया गया है।

राजस्थान के अलवर में CJP नेता दीपक बालियान को हिरासत में लेने और उनके साथ मारपीट के आरोप भी लगाए गए हैं। हालांकि, अलवर के एसपी सुधीर चौधरी ने हिरासत के दावे से इनकार किया है। आंदोलन के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा है कि प्रतिबंधों के बावजूद 10 अक्टूबर का प्रदर्शन जारी रहेगा। बेंगलुरु में भी इस मुद्दे पर प्रदर्शन हुआ, जिसमें अभिनेता-कार्यकर्ता प्रकाश राज और यूट्यूबर ध्रुव राठी शामिल हुए।
विपक्ष का राष्ट्रपति भवन तक मार्च करने का कार्यक्रम
इस बीच, INDIA गठबंधन ने 9 अक्टूबर को भी अपना विरोध जारी रखने और संसद भवन से राष्ट्रपति भवन की ओर मार्च करने की योजना बनाई है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत वरिष्ठ नेताओं के इसमें शामिल होने की संभावना जताई गई है, हालांकि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात का समय मिलने की पुष्टि नहीं हुई है।

इससे पहले विपक्षी नेताओं ने 8 अक्टूबर को राजघाट पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया था। दिल्ली पुलिस ने महिला प्रदर्शनकारियों से निपटने के लिए कर्मियों को निर्देश दिए हैं और अपुष्ट सूचनाएं फैलाने से बचने को कहा है। अब सभी की नजर 10 अक्टूबर के प्रस्तावित प्रदर्शन और प्रशासन की सुरक्षा तैयारियों पर है।

