प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीसरी सरकार में Cabinet विस्तार और बड़े फेरबदल की अटकलें तेज हो गई हैं। मौजूदा Cabinet में अधिकतम 81 मंत्रियों की जगह है, जबकि अभी 68 मंत्री ही जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। यानी 13 पद खाली हैं।

वहीं, 12 Cabinet मंत्रियों के पास एक से ज्यादा मंत्रालय हैं और कुछ मंत्री तीन-तीन बड़े विभाग संभाल रहे हैं। ऐसे में संसद के शीतकालीन सत्र से पहले नए चेहरों को शामिल करने और कुछ मंत्रियों के विभाग बदलने की संभावना बढ़ गई है।
कई मंत्रियों के पास कई मंत्रालय, दो नामों पर भी नजर
मौजूदा समय में अमित शाह, जेपी नड्डा, शिवराज सिंह चौहान, निर्मला सीतारमण, मनोहर लाल खट्टर, अश्विनी वैष्णव, प्रह्लाद जोशी और जी. किशन रेड्डी समेत कई नेताओं के पास एक से ज्यादा मंत्रालयों की जिम्मेदारी है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के पद छोड़ने के बाद प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार मिला है।

वहीं बीजेपी की राज्यसभा उम्मीदवारों की हालिया सूची में हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा का नाम नहीं होने से उनके मंत्री पद छोड़ने की अटकलें भी तेज हैं। दोनों के कार्यकाल पूरे होने के बाद मंत्रिपरिषद की संख्या और घट सकती है। इससे नए मंत्रियों को शामिल करने की जरूरत और बढ़ जाएगी।
UP-पंजाब चुनावों पर भी नजर, नए चेहरों को मिल सकती है जगह
मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का करीब आधा समय पूरा हो चुका है और इसी वजह से संभावित विस्तार को राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है। उत्तर प्रदेश और पंजाब समेत आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश हो सकती है।

मौजूदा Cabinet में मुस्लिम और ईसाई समुदाय से कोई मंत्री नहीं है, जबकि हरदीप सिंह पुरी के बाहर होने पर सिख प्रतिनिधित्व भी खत्म हो सकता है। ऐसे में अगले विस्तार में यूपी से नए चेहरों के साथ पंजाब से सिख नेता और संभवतः ईसाई समुदाय से किसी चेहरे को जगह देने पर भी विचार हो सकता है। हालांकि अंतिम फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी नेतृत्व के स्तर पर ही होगा।


