Vedanta समूह आने वाले वर्षों में अपने अलग-अलग कारोबार में करीब 20 अरब डॉलर का निवेश करने की तैयारी में है। चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने कंपनी की 56वीं वार्षिक आम बैठक में शेयरधारकों को संबोधित करते हुए कहा कि खनिज क्षेत्र की अगुवाई में कंपनी का विकास मजबूत बना हुआ है और वेदांता देश के आर्थिक विकास में योगदान देने के लिए बड़े निवेश पर आगे बढ़ रही है।
चांदी, स्टील और तेल-गैस पर फोकस
अग्रवाल के मुताबिक, Vedanta ने चांदी का उत्पादन दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। चांदी का इस्तेमाल सिर्फ आभूषणों में नहीं, बल्कि हाई-टेक इंडस्ट्री और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में भी बढ़ रहा है। Vedanta अपने स्टील उत्पादन की क्षमता भी दोगुनी करने की दिशा में काम कर रही है। वहीं, घरेलू तेल और गैस उत्पादन में करीब 50 फीसदी बढ़ोतरी का लक्ष्य रखा गया है। अग्रवाल ने कहा कि आने वाले कई वर्षों तक तेल की मांग बनी रहने की उम्मीद है।
टैक्स विवाद और भारत की इकोनॉमी पर बड़ा बयान
अनिल अग्रवाल ने पिछली तारीख से लागू कर कानून में किए गए बदलाव को समूह के लिए सकारात्मक बताया। उनके अनुसार, इससे करीब 22,000 करोड़ रुपये के टैक्स विवाद सुलझाने में मदद मिल सकती है। उन्होंने भारत की आर्थिक क्षमता पर भी भरोसा जताते हुए कहा कि देश की अर्थव्यवस्था मौजूदा करीब 2,600 अरब डॉलर से बढ़कर पहले 5,000 अरब डॉलर और फिर 10,000 अरब डॉलर तक पहुंच सकती है। अग्रवाल ने साथ ही कहा कि GDP में खनन क्षेत्र की हिस्सेदारी मौजूदा करीब 1.5 फीसदी से बढ़ाने की जरूरत है।


