दिल्ली सरकार ने राजधानी के अपने पहले समर्पित राज्य अतिथि गृह ‘DelhiSadan’ के निर्माण को मंजूरी दे दी है। द्वारका सेक्टर-19 में बनने वाले इस प्रोजेक्ट पर करीब 151.97 करोड़ रुपये खर्च होंगे। परियोजना को जरूरी मंजूरियां मिलने के बाद करीब 21 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
द्वारका सेक्टर-19 में बनेगा दिल्ली सदन
‘Delhi Sadan’ का निर्माण द्वारका सेक्टर-19 के प्लॉट नंबर-5 पर किया जाएगा। रिपोर्ट के अनुसार, इसके लिए करीब 3,899.42 वर्गमीटर जमीन उपलब्ध है, जबकि प्रस्तावित भवन का कुल कवर एरिया करीब 15,984 वर्गमीटर बताया गया है। दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने यह जमीन पर्यटन विभाग को आवंटित की है।
आधुनिक सुविधाओं के साथ दिखेगी दिल्ली की विरासत
प्रस्तावित ‘Delhi Sadan’ में सरकारी मेहमानों के लिए आधुनिक और सुरक्षित ठहरने की सुविधाएं होंगी। भवन के डिजाइन में मध्यकालीन दिल्ली की स्थापत्य विरासत की झलक भी शामिल की जाएगी, जिससे आधुनिक निर्माण के साथ राजधानी के ऐतिहासिक स्वरूप को जोड़ा जा सके।
क्यों जरूरी है अपना राज्य अतिथि गृह?
दिल्ली सरकार के पास फिलहाल अपना समर्पित राज्य अतिथि गृह नहीं है। देश के अलग-अलग हिस्सों और विदेशों से आने वाले सरकारी अधिकारियों, गणमान्य अतिथियों और प्रतिनिधियों के ठहरने के लिए अलग व्यवस्था करनी पड़ती है। ‘DelhiSadan’ बनने के बाद ऐसे मेहमानों के लिए सुरक्षित, सुविधाजनक और अपेक्षाकृत किफायती आवास उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।
21 महीने में पूरा करने का लक्ष्य
परियोजना को दिल्ली सरकार की व्यय वित्त समिति (EFC) से मंजूरी मिली है। रिपोर्ट के अनुसार, निर्माण से पहले की गतिविधियों के लिए करीब तीन महीने और मुख्य निर्माण के लिए 18 महीने का समय रखा गया है। यानी कुल 21 महीने में परियोजना पूरी करने का लक्ष्य है।


